शिखर वार्ता से खास डिनर तक... पुतिन आज कैसे रहेंगे बिजी, जानें मिनट टू मिनट प्रोग्राम

Putin India Visit: भारत दौरे का दूसरा दिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है. गुरुवार को पीएम मोदी ने उनके लिए खास डिनर रखा था. बाकी सभी अहम कार्यक्रम शुक्रवार को होने हैं, महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने से लेकर हैदराबाद हाउस में शिखर वार्ता तक, इन कार्यक्रमों में पुतिन शामिल होंगे.

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पुतिन का भारत दौरे का दूसरा दिन.
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  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा दिन है. वह काफी व्यस्त रहेंगे.
  • पुतिन के दूसरे दिन के कार्यक्रम में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि शामिल है.
  • हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, व्यापार सुरक्षा, ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा होगी.
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नई दिल्ली:

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा और अंतिम दिन है. गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचने पर उनका ऐसा भव्य स्वागत हुआ कि वह गदगद हो उठे. पीएम मोदी खुद उनकी अगवानी करने एयरपोर्ट जो पहुंचे थे. वहीं रात को पीएम हाउस में प्राइवेट डिनर. ऐसा आदर सत्कार और पीएम मोदी और पुतिन के बीच का खास बॉन्ड देख दुनियाभर के कई देशों को मिर्ची जरूर लगी होगी. शुक्रवार यानी कि 5 दिसंबर को भी पुतिन दिल्ली में ही रहेंगे. भारत दौरे का उनका दूसरा दिन भी बहुत ही व्यस्त रहने वाला है. पीएम मोदी संग शिखर वार्ता समेत उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं. रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का मिनट टू मिनट कार्यक्रम यहां जानें. 

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पुतिन का शुक्रवार का पूरा शेड्यूल

  • भारत दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा. इस दौराना तीनों सेनाएं उनको सलामी गारद देंगी. उसके बाद रूसी राष्ट्रपति राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
  • व्लादिमीर पुतिन हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में शाामिल होंगे. इस बैठक में कुछ प्रमुख बिजनेसमैन भी शामिल हो सकते हैं.
  • इस शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग बढ़ाने, द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखने और छोटे ‘मॉड्यूलर रिएक्टर' के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है. माना जा रहा है इस वार्ता पर पश्चिमी देशों की पैनी निगाह रहेगी.
  •  प्रधानमंत्री मोदी हैदराबाद हाउस में पुतिन और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए दोपहर के भोज की भी मेजबानी करेंगे.
  • पीएम मोदी और पुतिन भारत मंडपम में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और रोसकांग्रेस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. 
  • शिखर वार्ता के बाद पुतिन रूस के सरकारी प्रसारक के भारत चैनल की शुरुआत करेंगे, जिसके बाद वह राष्ट्रपति भवन जाएंगे. 
  • शाम को पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनके सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में शामिल होंगे. लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद शुक्रवार रात उनके करीब 9 बजे भारत से मॉस्को के लिए रवाना होने की संभावना है.

भारत-रूस के बीच होंगे कई अहम समझौते

भारत और रूस के बीच 23वीं शिखर वार्ता के बाद दोनों पक्ष व्यापार समेत कई क्षेत्रों में अहम समझौते कर सकते हैं. रूसी नेता यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए नए सिरे से अमेरिकी प्रयास के बीच भारत की यात्रा पर आए हैं,  इसलिए शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे पर भी बातचीत होने की संभावना है.शिखर वार्ता में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की बड़ी मात्रा में खरीद के कारण बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है.शिखर बैठक में अमेरिकी प्रतिबंधों के भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा होने की संभावना है.

  • रक्षा संबंधों की समीक्षा होने की संभावना 
  • एस-400 की नई खेप खरीदने पर विचार 
  • रूस से नई पीढ़ी के एस-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर विचार
  • रूस के सुखोई-57 फाइटर जेट की आपूर्ति की संभावना पर चर्चा हो सकती है.
  • सुखोई 30 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य साजो सामान खरीदने पर भी चर्चा संभव
  • व्यापारिक संबंधों में नई ऊंचाई पर ले जाने पर चर्चा हो सकती है
  • भारत-रूस अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता खत्म करने के लिए अपनी करंसी में व्यापार का सिस्टम तैयार करने पर भी विचार कर सकते हैं
  • भारतीय वस्तुओं का रूस में निर्यात बढ़ाने पर भी बात होने की संभावना
  • 10 लाख भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को काम पर रखने को लेकर दोनों देशों के बीच लेबर मोबिलिटी समझौता हो सकता है. 
  • रूस के साथ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, नई ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी कई नए समझौते या पुराने सौदे रिन्यू हो सकते हैं.

पुतिन ऐसे समय में भारत आए हैं, जब अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों में संभवत: अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. इस शुल्क में रूसी कच्चे तेल की खरीद के कारण लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है.

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