कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती से सात पैसे टूटकर 81.33 प्रति डॉलर पर रुपया

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बृहस्पतिवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
मुंबई:

डॉलर के कमजोर होने के बावजूद स्थानीय बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सात पैसे की गिरावट के साथ 81.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी पूंजी की बाजार से निकासी बढ़ने के कारण भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.11 पर खुला. कारोबार के दौरान रुपये का लाभ लुप्त हो गया और अंत में यह सात पैसे की गिरावट दर्शाता 81.33 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान रुपये ने 81.08 के उच्चस्तर और 81.35 के निचले स्तर को छुआ. पिछले सत्र में रुपया चार पैसे की तेजी के साथ 81.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कमजोर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने रुपये का समर्थन किया. हालांकि, कमजोर घरेलू बाजार, कच्चे तेल में उछाल और एफआईआई की धन निकासी से रुपया नुकसान में बंद हुआ.''

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.53 पर आ गया. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.17 प्रतिशत बढ़कर 87.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 415.69 अंक टूटकर 62,868.50 अंक पर बंद हुआ.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बृहस्पतिवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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