समंदर में दुश्मनों का काल बनेगा रोमियों हेलीकॉप्टर

बताया जा रहा है कि दूसरी स्क्वाड्रन के आने से नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी.इस हेलीकॉप्टर का निर्माण अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने किया है. यह एक साथ कई मिशन को अंजाम देने में सक्षम हैं.

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नई दिल्ली:

भारतीय नौसेना में एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की दूसरी स्क्वाड्रन शामिल होने जा रही है. इसे 17 दिसंबर को आईएनएस हंसा, गोवा में कमीशन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी मुख्य अतिथि होंगे.एमएच-60आर हेलीकॉप्टर दुनिया के सबसे आधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टरों में गिने जाते हैं. ये रोमियों हेलीकॉप्टर पनडुब्बी रोधी युद्ध, दुश्मन जहाजों से मुकाबला, निगरानी और खोज-बचाव जैसे अभियानों में बेहद कारगर हैं. यह हेलीकॉप्टर बेहद मजबूत शक्तिशाली और भरोसेमंद है .

दूसरी स्क्वाड्रन के आने से नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी.इस हेलीकॉप्टर का निर्माण अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने किया है. यह एक साथ कई मिशन को अंजाम देने में सक्षम हैं. इसकी लंबाई 64 फीट,10 इंच है तो ऊंचाई 17 फीट हैं. इसका खाली वजन 6,880 किलोग्राम है लेकिन हथियार के साथ यह 10,659 किलोग्राम वजन के साथ फ्लाई कर सकता है . इसकी रफ्तार 260 किलोमीटर प्रति घंटा है .इसके हथियारों में टारपीडो, हवा से जमीन पर मार करने वाले मिसाइल और रॉकेट के साथ बंदूक से भी लैस है. 

ऐसे 24 एम एच आर हेलीकॉप्टरों के लिए भारत और अमेरिका के बीच 7,995 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है. इसके तहत हेलीकॉप्टर के साथ साथ स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी मदद, प्रशिक्षण और भारत में मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.जाहिर है रोमियों हेलीकॉप्टर के दूसरे स्क्वाड्रन के आने से भारतीय नौसेना की तैयारी और आधुनिक क्षमता को नई मजबूती देगा.

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