- बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के दही चूड़ा के भोज में सबसे पहले पहुंचे पिता लालू यादव
- गौरतलब है कि लालू ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निकाल दिया था
- पर मकर संक्रांति के दिन तेज प्रताप ने दही चूड़ा का भोज आयोजित कर कई सियासी संदेश दे दिए हैं
बिहार की सियासी पिच पर मकर संक्रांति का दिन काफी अहम होता है. राजनीतिक किरदार इस दिन का इस्तेमाल अपनी मजबूत सियासत दिखाने के लिए करते हैं. वैसे भी जब लालू यादव के परिवार का कोई सदस्य इस दिन दही चूड़ा का भोज दे रहा हो तो नजरें सबकी रहती ही हैं. लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बुधवार को पटना में दही चूड़ा का भोज दिया. इस भोज में लालू खुद पहुंचे. एक वक्त था जब लालू यादव के दही चूड़ा भोज की चर्चा होती है, बुधवार को तेज प्रताप के भोज की चर्चा रही.
बेटे से खूब बतियाए लालू
कुछ दिन पहले लालू यादव ने ही तेज प्रताप को आरजेडी और परिवार से निकाल दिया था. लेकिन राजनीतिक समीकरण और हालात ने सब बदलकर रख दिया. काले चश्मे और नीले मफलर के साथ लालू यादव सबसे तेज प्रताप के घर पहुंचे. पहले तेज प्रताप दिल्ली में अपने पिता से मिले फिर पटना में घर जाकर पिता, मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी से मिले और उन्हें अपने घर दही चूड़ा के भोज के लिए निमंत्रण दिया. अब भला पिता कैसे अपने बड़े बेटे का निमंत्रण में नहीं जाते. लालू यादव सबसे पहले पहुंचे और बेटे से जमकर बतियाए. बड़े बेटे के आग्रह पर लालू खिंचे चले आए. तेज प्रताप भी लालू का ख्याल रखते नजर आए. पटना में बुधवार को धूप तेज थी. लालू को तपिश लग दिखी तो तो तेज प्रताप ने पिता को सिर पर तौलिया रख दिया. दही-चूड़ा और सियासत से इतर पिता और बेटे के रिश्ते की यह नई गर्माहट थी.
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बिहार के सियासत में क्या चल रहा?
लालू के साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बैठे थे. इस दौरान तेज प्रताप पिता के करीब बैठकर बाते करते दिखे. लालू यादव के बगल में ही राज्यपाल खान बैठे थे. तीनों मिलकर काफी गुफ्तगू करते दिखे. कई सियासी पंडित तेज प्रताप के इस पहल को लालू यादव के जोड़कर देख रहे हैं. कुछ सियासी विशेषज्ञ इसे तेज प्रताप यादव के परिवार को एकजुट करने की कोशिश से भी जोड़ रहे हैं. अब इसके पीछे का दांव पेच चाहे जो भी हो तेज प्रताप ने अपने घर दही चूड़ा का भोज देकर राज्य की सियासत में पिता लालू के पद चिह्नों पर चल दिया है.
पिता पास और फुल मूड में तेज प्रताप.
मां से लेकर मामा तक को न्योता
तेज प्रताप ने इस भोज के लिए सत्तारूढ़ जेडीयू और बीजेपी के अलावा कई करीबी रिश्तेदारों को भी न्योता दिया था. मामा साधु यादव को भी तेज प्रताप दही चूड़ा भोज का न्योता देने गए थे. मां राबड़ी देवी से तेज प्रताप तो कई बार मिले हैं. उन्होंने मां को भी इस भोज के लिए बुलाया था. कभी लालू यादव के बेहद करीबी रहे और अभी नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव को भी तेज प्रताप यादव ने न्योता दिया था.
बड़े बेटे का न्योता और खिंचे चले आए लालू.
साधु यादव बोले- दोनों भाई एक हो जाएं
तेज प्रताप के भोज में शामिल होने के बाद लालू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को इस तरह का भोज का आयोजन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके परिवार में कोई मतभेद नहीं है. तेज प्रताप यादव के मामा साधु यादव भी पहुंचे दही चूड़ा भोज में पहुंचे हैं. आरजेडी एमएलसी इंजीनियर सौरभ भी दही चूड़ा भोज में पहुंचे. दोनों नेताओं ने बोला कि दोनों भाई को एक ही जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह लोग एक है और पार्टी भी एक होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज लालू जी आए है और तेजस्वी यादव भी यहां आएंगे.














