- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT टिन्नू यादव और अन्य आरोपियों पर एक्शन की तैयारी कर रही है
- टिन्नू यादव पर मंदिर के फंड से भारी गबन कर एक आलीशान घर बनाने का आरोप लगाया है
- एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों, दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों और बैंक कर्मियों से पूछताछ पूरी कर ली है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी बड़े एक्शन की तैयारी कर रही है. चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है. टिन्नू यादव समेत कई आरोपी जल्द ही गिरफ्तार किए जा सकते हैं. SIT टिन्नू यादव समेत दान की गिनती करने वाले कर्मचारी और कुछ बैंक कर्मचारियों पर कानूनी शिकंजा कस सकती है. इन सबको केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जा सकता है.
लापरवाह पदाधिकारी ट्रस्ट से हो सकते हैं बाहर
जिन पदाधिकारियों की लापरवाही से चोरी हुई, उन्हें ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. आज SIT की टीम वापस लौटकर सीएम योगी को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है. आज जांच का छठवां दिन है. 7 दिन के अंदर SIT को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौपनी है. अभी तक SIT ने ट्रस्ट के तमाम पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. डोनेशन काउंटिंग से जुड़े सभी कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है. डोनेशन काउंटिंग और चढ़ावा चोरी के मामले में अभी तक SIT ट्रस्ट के तमाम पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है.
टिन्नू यादव चढ़ावे हेराफेरी का मुख्य संदिग्ध
राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू राम मंदिर दानराशि में कथित गबन के मुख्य संदिग्धों में से एक हैं. आरोप है कि उसने एक आलीशान घर बनाने के लिए मंदिर के फंड से 50 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया. राम मंदिर क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ उनके कथित संबंधों के बाद मामले ने और तूल पकड़ा. शुक्रवार को अपनी जांच के पांचवें दिन एसआईटी टीम ने टिन्नू यादव से पूछताछ की थी.
चढ़ावा चोरी मामले में 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
एसआईटी इस मामले में अब तक मंदिर के 10 से ज्यादा मुख्य लोगों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है. सूत्रों के अनुसार, मंदिर में चढ़ाए गए गहनों और आभूषणों सहित 'चढ़ावे' के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है. एसआईटी टीम मंदिर में मिले गहनों और चढ़ावे की असल मात्रा और उनके कागजी रिकॉर्ड के बीच संबंध का पता लगाने की कोशिश कर रही है. सोने और गहनों के रूप में मिले दान और मंदिर अधिकारियों के पास मौजूद उनके रिकॉर्ड के बीच अंतर के आधार पर एसआईटी कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के बारे में निष्कर्ष निकालेगी, जिससे गबन के पैमाने का पता चल सकेगा.
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