- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जीजा और साले अनुकल्प और लवकुश मिश्रा की 12 संपत्तियों का पता चला है
- आरोपियों की संपत्तियां अयोध्या, बसावा, मिल्कीपुर, रुदौली समेत कई जगहों पर हैं और उनकी जांच जारी है
- जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कितनी संपत्तियां चोरी की गई चढ़ावा धनराशि से खरीदी गई हैं
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच में लगातार खुलासे हो रहे हैं और इसके आरोपियों पर भी शिकंजा कस रहा है. इस बीच कुल 8 आरोपियों में शामिल जीजा और साले की जोड़ी पर सबसे ज्यादा संपत्तियों का पता चला है. आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उसके बहनोई लवकुश मिश्रा की 12 संपत्तियों का पता चला है. इन दोनों के पास कई करोड़ की संपत्तियां हैं. कुछ प्रॉपर्टी तो पैतृक ही है, लेकिन कुछ को हाल ही में खरीदा गया है. अब जांच इस बात की हो रही है कि आखिर कौन सी संपत्तियों को चढ़ावा चोरी में मिली दौलत से खरीदा गया है. यदि किसी संपत्ति को लेकर ऐसा साबित हुआ तो फिर उसे जब्त भी किया जा सकता है.
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इनमें कितनी संपत्तियां दान चोरी के पैसे से खरीदी गईं. अयोध्या प्रशासन भी संपत्तियों की जांच करने में जुटा है. अयोध्या,बसावा ,मिल्कीपुर, रुदौली और अन्य जगहों पर संपत्तियां पाई गई हैं. इसके अलावा बाकी आरोपियों की संपत्तियों का भी पता चला है. संपत्तियों को लेकर अयोध्या प्रशासन की जांच जारी है. कुछ संपत्तियां अयोध्या में हैं तो कुछ यहां से बाहर दूसरे शहरों में भी हैं. यदि जांच में यह पता चला कि किसी संपत्ति को जान में खरीदा गया है तो फिर उसे जब्त किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने कुछ संपत्तियां अपने नाम ली थीं तो कुछ अपने परिवार के लोगों के नाम की गईं.
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बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों में से कई एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं. एक तरफ टिन्नू यादव और मनीष यादव के बीच चाचा-भतीजा वाला रिश्ता है तो वहीं लवकुश और अनुकल्प जीजा-साले हैं. लवकुश के ससुर रमाशंकर मिश्रा भी आरोपियों में से एक हैं. इस बीच प्रशासन ने एक और अहम फैसला लिया है. राम मंदिर के SP सुरक्षा बलरामचारी दूबे हटाए गए हैं.
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव, SP सिक्योरिटी हटाए गए
हालांकि इस निर्णय का चोरी प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है. अब बलरामचारी दूबे के स्थान पर पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा एसपी सुरक्षा के पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। विजय शंकर मिश्रा शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए हैं। पहले तैनात SP सुरक्षा को हटा दिया गया है , लेकिन उनकी भूमिका और संलिप्तता जांच के दायरे में है या नहीं अभी स्पष्ट नहीं है। अयोध्या राम मंदिर का SP सुरक्षा मंदिर की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा का नोडल प्रभारी होता है।
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