Exclusive: 'गिरफ्तारी' की खबरों के बीच राकेश टिकैत का इंटरव्यू, बोले- गेस्ट हाउस से जाने नहीं दे रहे

ओडिशा के भुवनेश्वर में किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबरों पर स्थिति साफ हुई है. NDTV को दिए Exclusive इंटरव्यू में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन गेस्ट हाउस से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही.

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  • राकेश टिकैत को भुवनेश्वर में प्रदर्शन के दौरान औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन उन्हें गेस्ट हाउस में रोका.
  • टिकैत ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते से उठाया और गेस्ट हाउस में छोड़ दिया और बाहर जाने नहीं दिया.
  • ओडिशा के किसान दस दिनों में 140 किलोमीटर पैदल मार्च करके भुवनेश्वर में आयोजित बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे.
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Rakesh Tikait Exclusive Interview: ओडिशा में किसानों के प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की कथित गिरफ्तारी की खबरों ने देशभर में हलचल मचा दी. खुद टिकैत के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला और चर्चा में आ गया. इन खबरों के बीच NDTV के संवाददाता देव कुमार ने राकेश टिकैत से बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि असल में उनके साथ क्या हुआ और किस हालात में उन्हें रोका गया.

दरअसल, भुवनेश्वर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच राकेश टिकैत ने एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर किसान संगठनों तक में प्रतिक्रिया शुरू हो गई. इसी संदर्भ में टिकैत ने मीडिया से खुलकर बात की.

राकेश टिकैत ने बताई पूरी कहानी

इंटरव्यू में राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भुवनेश्वर के एक गेस्ट हाउस में रोककर रखा गया है और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही. टिकैत ने कहा, “हमें मीटिंग वाली जगह पर जाने ही नहीं दिया गया. अगर जाने ही नहीं देंगे, तो गिरफ्तारी कैसी? पुलिस ने हमें बीच रास्ते से उठाया, गाड़ी में बैठाया और यहां गेस्ट हाउस में छोड़ दिया. बाहर जाने की इजाजत नहीं है.”

140 किलोमीटर पैदल मार्च कर आए थे किसान

राकेश टिकैत ने बताया कि ओडिशा के किसान पिछले लगभग दस दिनों से पैदल मार्च कर रहे थे. उन्होंने कहा कि “पिछले 10 दिन से करीब 140 किलोमीटर पैदल चलकर किसान भुवनेश्वर पहुंचे थे. आज उनकी एक मीटिंग थी, जिसे हम संबोधित करने आए थे. लेकिन हमें वहां पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया.” उनका यह भी कहना था कि उनके साथ आए कुछ प्रतिनिधियों जैसे सुधाकर को भी बैठक में शामिल नहीं होने दिया गया.

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बीच रास्ते से उठाकर गेस्ट हाउस छोड़ा

टिकैत के मुताबिक पुलिस कार्रवाई अचानक हुई. उन्होंने बताया, “पुलिस ने हमें रास्ते में रोका, गाड़ी में बैठाया और सीधे यहां गेस्ट हाउस में लाकर छोड़ दिया. अभी यहां 700-800 से लोग हैं और सभी की यही स्थिति है.”

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राकेश टिकैत को ले जाते समय पुलिस ने दिखाई सख्ती.

‘किसानों की मांगें पूरे देश की हैं'

बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने किसानों की मांगों को दोहराते हुए कहा कि ये सिर्फ ओडिशा के किसानों की बात नहीं है. उनके शब्दों में “फसलों के दाम, बिजली के बढ़ते बिल, स्मार्ट मीटर, किसानों की कर्ज माफी ये पूरे देश के किसानों के सवाल हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ एमएसपी पर खरीद और 600 रुपये बोनस की बात कहकर जिम्मेदारी से बचना चाहती है, जबकि इससे किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होतीं.

देश के कई राज्यों में जारी हैं आंदोलन

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में किसान धरने पर बैठे हैं. हर जगह हालात लगभग एक जैसे हैं और किसान परेशान हैं.

गिरफ्तारी बनाम हकीकत

इंटरव्यू के अंत में टिकैत ने गिरफ्तारी को लेकर स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गिरफ्तारी नहीं है, लेकिन जिस तरह से हमें रोका गया है, बाहर जाने नहीं दिया जा रहा और मीटिंग में जाने से रोका गया इसी वजह से हमने इसे हिरासत कहा. टिकैत ने यह भी साफ किया कि किसानों की आवाज दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.

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