- राज्यसभा के 37 सदस्यों के लिए 10 राज्यों में चुनाव कार्यक्रम घोषित किए गए हैं
- महाराष्ट्र में सात सीटों के लिए उम्मीदवारों की संख्या बराबर होने से निर्विरोध निर्वाचन की संभावना प्रबल है
- हरियाणा में दो सीटों पर भाजपा, कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा
राज्यसभा की 37 सीटों पर होने वाला चुनाव कई राजनीतिक समीकरणों को नया रूप देने वाला है. चुनाव आयोग ने 10 राज्यों में इन सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही कई राज्यों में निर्विरोध चुने जाने की स्थिति भी साफ होने लगी हैं, जबकि कुछ राज्यों में समीकरण इतने जटिल हो गए हैं कि मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है. जहां बिहार, हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों में संख्या बल, गठबंधन की मजबूती, रणनीतिक उम्मीदवार चयन और नए राजनीतिक जोड़‑तोड़ ने इस चुनाव को और अधिक महत्वूर्ण बना दिया है. देश के कई प्रमुख राज्यों में राज्यसभा चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. कुछ राज्यों में सीटों और प्रत्याशियों की संख्या बराबर होने से निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन रही है, वहीं कुछ जगहों पर मुकाबला बेहद ही दिलचस्प होता दिख रहा है.
महाराष्ट्र: 7 सीट पर समीकरण बराबरी के, निर्विरोध प्रक्रिया की संभावना
महाराष्ट्र में राज्य सभा की 7 सीटों पर चुनाव प्रस्तावित हैं. बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने रामदास अठावले, विनोद तावड़े, माया वाघमारे और रामराव वडकुटे को मैदान में उतारा है. दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की तरफ से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और दिवंगत नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल मुख्यमंत्री शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को एकमात्र उम्मीदवार घोषित किया है. वहीं महाविकास अघाड़ी ने शरद पवार को अपना प्रत्याशी बनाया है. स्वास्थ्य कारणों से शरद पवार विधान सभा नहीं पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर नामांकन की औपचारिकताएं पूरी कीं. चूंकि सीटों और उम्मीदवारों की कुल संख्या बराबर है, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और प्रक्रिया निर्विरोध संपन्न होने की संभावना है.
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हरियाणा: दो सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
हरियाणा से दो सीटों के लिए BJP उम्मीदवार संजय भाटिया ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है, यह उनका पहला चुनाव होगा. इसी बीच, रोहतक के बोहर गांव निवासी सतीश नांदल ने निर्दलीय के रूप में पर्चा भरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
हिमाचल प्रदेश: आरामदायक बहुमत, औपचारिक निर्वाचन की उम्मीद
पहाड़ी राज्य प्रदेश की एक सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने नामांकन दाखिल किया है. 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास आरामदायक बहुमत होने के कारण, राज्य सभा के लिए उनका निर्वाचन औपचारिकता माना जा रहा है, जब तक कि कोई अप्रत्याशित चुनौती सामने न आ जाए.
तमिलनाडु: 6 सीटें, 4–2 का स्पष्ट अंकगणित; सभी का निर्विरोध संभव
तमिलनाडु की छह सीटों पर नामांकन के अंतिम दिन सभी छह उम्मीदवारों ने पर्चे भर दिए, चार सत्तारूढ़ और दो विपक्ष से. सत्तारूढ़ मोर्चे की ओर से एन. शिवा, प्रो. जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, क्रिस्टोफर तिलक और एल.के. सुदीश ने नामांकन दाखिल किया. विपक्षी गठबंधन की तरफ से वर्तमान सांसद एम. थंबीदुरई और पीएमके नेता अम्बुमणि रामदास ने पर्चे भरे. 234 सदस्यीय विधानसभा के संख्या बल के आधार पर द्रमुक 4 और अन्नाद्रमुक 2 सीटें आसानी से जीत सकती हैं, जिसकी वजह से सभी छह उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है.
पश्चिम बंगाल: 5 सीटों पर टीएमसी का पैनल, भाजपा ने भी किया दावा
पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 5 सीटों के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अभिनेता से नेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, अभिनेत्री कोयल मल्लिक, पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने नामांकन दाखिल किया है. बीजेपी की ओर से राहुल सिन्हा ने भी अपना नामांकन प्रस्तुत किया है.
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ओडिशा: चार सीटों पर नामांकन, मुख्य टक्कर पर निगाहें
ओडिशा की चार सीटों के लिए सत्तारूढ़ BJP ने मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि बीजू जनता दल (बीजद) ने संत्रुप्ता मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है. वहीं दिलीप रे भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. सभी उम्मीदवारों ने नामांकन के अंतिम दिन अपने पर्चे दाखिल किए. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्य मुकाबला डॉ. दत्तेश्वर होता और दिलीप रे के बीच माना जा रहा है. नामांकन के बाद दिलीप रे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व के समर्थन के लिए आभार जताया और राज्यसभा चुनाव में जीत का विश्वास व्यक्त किया.
असम: विपक्ष की एकमत कमी, NDA प्रत्याशियों की निर्विरोध राह
असम की तीन सीटों पर विपक्ष सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय करने में विफल रहा, जिसके चलते आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तीनों नामांकित उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है. जोगेन महान, भाजपा के पूर्व विधायक तेराश गोवाला और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रमुख प्रमोद बोरो ने उच्च सदन के लिए नामांकन दाखिल किया है. विपक्ष के किसी भी उम्मीदवार के मैदान में न उतरने से यह चुनाव औपचारिकता बनकर रह गया है और असम से राज्यसभा में राजग की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सुनिश्चित हो जाएगी.
बिहार: राजग के 5 नाम, सीएम नीतीश भी पर्चा दाखिल
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से पाँच उम्मीदवारों ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव हेतु नामांकन पत्र दाखिल किए. जेडीयू की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मौजूदा राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर, भाजपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार, तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नामांकन दायर किया.
छत्तीसगढ़: भाजपा–कांग्रेस, दोनों खेमों से नामांकन
छत्तीसगढ़ की दो सीटों के लिए भाजपा से लक्ष्मी वर्मा, जबकि कांग्रेस की ओर से मौजूदा राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने अपने-अपने नामांकन दाखिल किए हैं.














