- NDTV केरल पावर प्ले में राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि जनता मानने लगी है कि एनडीए राज्य में चुनाव जीत सकता है
- कहा कि बीजेपी ने एलडीएफ-यूडीएफ के राजनीतिक नैरेटिव को बदलने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है
- कहा कि बीजेपी एक-दो सीटों के लिए नहीं, 2026 के बाद केरल का भविष्य तय करने के लिए चुनाव लड़ रही है
केरल विधानसभा चुनाव से ऐन पहले प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य की जनता अब यह मानने लगी है कि भाजपा और एनडीए गठबंधन चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं. NDTV के केरलम पावर प्ले कार्यक्रम में चंद्रशेखर ने कहा कि लोगों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में बीजेपी राज्य के राजनीतिक विमर्श को विकास की तरफ मोड़ने में सफल रही है.
केरल में बीजेपी अब छोटा खिलाड़ी नहीं
बीजेपी नेता का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि केरल की राजनीति में सीपीएम की अगुआई वाले एलडीएफ और कांग्रेस नीत यूडीएफ जैसे दिग्गजों के बीच बीजेपी को अभी तक एक छोटा खिलाड़ी माना जाता रहा है. एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर शिव अरूर से बातचीत में राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि बीजेपी ने राज्य में एलडीएफ और यूडीएफ द्वारा दशकों से थोपे गए राजनीतिक नैरेटिव को बदलने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है.
चंद्रशेखर ने कहा कि केरल में लंबे समय से विकास को लेकर सार्थक राजनीतिक चर्चा नहीं होती थी, लेकिन भाजपा ने पिछले 10 महीनों की मेहनत से इसे मुख्यधारा में ला दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग बीजेपी को एंटी सेक्युलर बताकर किनारे लगाने की कोशिशें कर रहे थे, लेकिन पिछले 12 महीनों में हमने उस छवि को पूरी तरह सुधार लिया है.
वामपंथी सरकार को दिखाया आईना
केरल की जनता की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि अब यहां के लोग भी वही चाहते हैं, जो देश के बाकी हिस्सों में लोगों को मिल रहा है. वो अपने बच्चों के लिए ऐसी शिक्षा और स्किल्स चाहते हैं, जिससे वो अपना भविष्य यहीं संवार सकें, उन्हें आर्थिक अवसरों के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े. लोग सुरक्षा चाहते हैं. वे नहीं चाहते कि जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने को तय करें." उन्होंने सत्ताधारी वामपंथी सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि पिछले 10 वर्षों में उन्होंने राज्य के लिए क्या किया है.
LDF-UDF एक ही थैली के चट्टे-बट्टे
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि केरल के लोग अब विकास की ट्रेन में चढ़ना चाहते हैं. 'मैं सांप्रदायिकता से तुम्हारी रक्षा करूंगा' जैसे हवा हवाई वादों से ऊब चुके हैं और बदलाव चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक केरल और देश पर शासन किया और उसके कार्यकाल में केरल के 8 मंत्री कैबिनेट में थे, फिर भी राज्य की स्थिति नहीं बदली. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लगता है कि लोगों की याद्दाश्त कमजोर है, लेकिन बीजेपी हर घर तक यह संदेश पहुंचाएगी कि एलडीएफ और यूडीएफ एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं.
जब उनसे पूछा गया कि क्या वाम दलों पर बीजेपी के हमले से कांग्रेस को फायदा नहीं होगा? इस पर चंद्रशेखर का कहना था कि ये दोनों दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. उन्होंने तर्क दिया कि ये दल 27 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में औपचारिक गठबंधन में हैं, तो केरल में इनका विरोध महज एक नाटक है. उन्होंने माना कि पूरी जनता को यह बात समझाने में वक्त लगेगा, लेकिन हमने अपना संदेश घर-घर तक पहुंचा दिया है.
बीजेपी को केरल में क्या उम्मीदें?
इस चुनाव से बीजेपी के केरल में क्या उम्मीदें हैं? इस सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि मुझे 100 फीसदी उम्मीद है कि हम राजनीतिक विमर्श को विवादों से ठोस मुद्दों की तरफ ले जाने में कामयाब होंगे. हम इसमें काफी हद तक कामयाब भी हो चुके हैं. इसका सबसे बड़ा सबूत ये है कि अब कांग्रेस और लेफ्ट भी अपने विज्ञापनों और संचार में विकास की बात करने लगे हैं.
उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब एनडीए को एक अजेय गठबंधन के रूप में देखा जा रहा है. पहले लोग हमें पसंद तो करते थे, वोट भी देते थे, लेकिन कई लोग इसे वोट की बर्बादी समझते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि हम जीतने की स्थिति में नहीं हैं. हमने इस झूठ को भी झुठला दिया है कि बीजेपी-एनडीए कभी केरल में जीत हासिल नहीं कर सकती. लोग हमें सपोर्ट करना चाहते हैं, कहते हैं हम एनडीए के लिए, नरेंद्र मोदी के लिए वोट करेंगे. केरल की राजनीति में ये पहली बार है, जब हम एक मजबूत राजनीतिक चुनौती पेश कर रहे हैं.
तिरुवनंतपुरम की जीत से उत्साहित
उन्होंने तिरुवनंतपुरम निकाय चुनावों में जीत का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी अब एक या दो सीटों के लिए नहीं बल्कि 2026 के बाद केरल का भविष्य तय करने के लिए चुनाव लड़ रही है. 2025 की शुरुआत में स्थितियां अलग थीं, लेकिन अब लोग यकीन करने लगे हैं कि बीजेपी और एनडीए यहां भी जीत सकती है.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और बीजेपी के बीच कथित साठगांठ के कांग्रेस के आरोपों को उन्होंने राहुल गांधी की फैक्ट्री में तैयार झूठ करार दिया. विजयन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की शिष्टाचार मुलाकातों पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अभद्र या अशिष्ट हों. प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री की सहायता करना एक बुनियादी शिष्टाचार है जो भारतीय राजनीति की गरिमा का हिस्सा है. ये अलग बात है कि विजयन केरल के इतिहास में सबसे अक्षम मुख्यमंत्रियों में से एक के रूप में याद किए जाएंगे.
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