जहां एक समुदाय की आबादी ज्यादा वहां नहीं बेच पाएंगे बिना मंजूरी प्रॉपर्टी, राजस्थान में गुजरात की तरह बिल को मंजूरी

कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कई जगहों पर जनसंख्या के असंतुलन के कारण लोगों को अपने पुश्तैनी घर बेचने पड़े है  या उन्हें अपनी बस्ती छोड़नी पड़ी. कई मामलों में लोगों को किराये पर घर नहीं मिला या बदलते हालात के कारण उन्हें किराये के घर से भी निकाल दिया गया.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
राजस्थान में लाया जाएगा नया बिल, माना जा रहा है बेहद खास
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यह विधेयक उन इलाकों में लागू होगा जहां किसी एक समुदाय की जनसंख्या असंतुलन और सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहे हों
  • अशांत क्षेत्र घोषित होने पर संपत्ति बेचने से पहले जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना आवश्यक होगा
  • कांग्रेस ने विधेयक को असंवैधानिक बताया और इसे राजस्थान में गुजरात मॉडल लागू करने का प्रयास करार दिया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
जयपुर:

राजस्थान सरकार ने एक ऐसा बिल पास किया है जिसके मुताबिक जहां एक समुदाय की आबादी ज्यादा होगी वहां अपनी प्रॉपर्टी बेचने से पहले मंजूरी लेनी होगी. कहा जा रहा है कि राजस्थान सरकार जनसांख्यिकीय असंतुलन को रोकने के लिए ये नया कानून लाने जा रही है. राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने इस नए बिल को लेकर कहा कि यह विधेयक उन इलाकों में लागू किया जाएगा,जहां किसी एक समुदाय की संख्या तेजी से बढ़ रही हो, सांप्रदायिक तनाव हो या जनसंख्या में बदलाव से शांति भंग होने की आशंका हो. ऐसे इलाकों को “डिस्टर्ब्ड एरिया” यानी अशांत क्षेत्र घोषित किया जा सकेगा. राज्य मंत्रिमंडल ने विधानसभा के इसी सत्र में राजस्थान स्थावर संपत्ति हस्तांतरण प्रतिबंध और अशांत क्षेत्रों में किरायेदारों की सुरक्षा विधेयक, 2026 के नाम से नया बिल लाने की मंजूरी दे दी है.   

लेकिन इस विधेयक की ज़रुरत क्यों पड़ी?

कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कई जगहों पर जनसंख्या के असंतुलन के कारण लोगों को अपने पुश्तैनी घर बेचने पड़े है  या उन्हें अपनी बस्ती छोड़नी पड़ी. कई मामलों में लोगों को किराये पर घर नहीं मिला या बदलते हालात के कारण उन्हें किराये के घर से भी निकाल दिया गया. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार यह कानून ला रही है, जिसे आमतौर पर “डिस्टर्ब्ड एरियाज़ बिल” कहा जा रहा है.

मंत्री ने कहा कि राज्य के कई इलाकों में किसी एक समुदाय की बढ़ती आबादी, जनसंख्या असंतुलन, सांप्रदायिक तनाव और आपसी सद्भाव की कमी का असर लंबे समय से देखा जा रहा है.जब किसी इलाके को अशांत क्षेत्र घोषित किया जाएगा, तो वहां किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा. किसी भी तरह की बिक्री से पहले सरकार की अधिकृत एजेंसी जांच करेगी. यह कानून तीन साल तक लागू रहेगा और उसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी. अगर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से अपनी संपत्ति बेचना चाहता है, तो उस पर कोई रोक नहीं होगी. हालांकि, इसके लिए उस इलाके के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) जैसी नोडल एजेंसी की अनुमति जरूरी होगी.

राजस्थान की हज़ार किलोमीटर लम्बी सरहद है पाकिस्तान के साथ , जहां जन संख्या असंतुलन का विषय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उठाया गया है.साथ ही राजस्थान में कई बार धार्मिक जुलूस या धार्मिक आयोजन के दौरान साम्प्रदायक तनाव की घटनाएं सामने आती रही है. यह विधेयक अभी मसौदे के रूप में है और इसे गुजरात के जैसे  ही कानून की तर्ज पर तैयार किया गया है. इस कानून के लागू होने पर राजस्थान ऐसा कानून बनाने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा.

कैसे हो गई अशांत क्षेत्र की घोषणा ?

मंत्री ने बताया कि अशांत क्षेत्र घोषित करने के नियम बाद में तय किए जाएंगे, लेकिन सामान्य तौर पर किसी इलाके को तीन साल तक अशांत घोषित किया जा सकता है, अगर वहां किसी एक समुदाय का अनुचित रूप से जमावड़ा हो रहा हो और उससे वहां पहले से रह रहे लोगों का संतुलन बिगड़ रहा हो. अगर इससे इलाके की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, तो उस क्षेत्र को अशांत घोषित किया जा सकता है.इसके लिए हर बार दंगा होना जरूरी नहीं है. अगर किसी इलाके में सांप्रदायिक तनाव, उपद्रव या कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होती है, तो यह कानून लागू किया जा सकता है.जब अशांत क्षेत्र घोषित हो जायेगा तो वहां फिर संपत्ति खरीदने या मजबूरन बेचने पे रोक लगेगी सर्कार की अनुमति के बिना अगर जबरन संपत्ति खरीदी गयी या बेचीं गयी तो इस्पे ३ से ५ साल तक की सजा का भी प्रावधान रहेगा. 

कांग्रेस का विरोध 

इस विधेयक के विधानसभा में पेश होने से पहले ही कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गुजरात मॉडल को राजस्थान में लागू करना चाहती है और इससे डर का माहौल बनेगा. उन्होंने कहा कि राजस्थान एक शांत राज्य है और ऐसे कानून से राज्य में निवेश पर भी बुरा असर पड़ेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: एयर स्ट्रिप, फिल्म टूरिज्म... NDTV कॉन्क्लेव में दिया कुमारी ने किन मुद्दों पर की बात? 10 बड़ी बातें

यह भी पढ़ें: पेपर लीक बंद हुए या खबरें लीक होना? NDTV कॉन्क्लेव में राजस्थान CM भजनलाल शर्मा ने दिया जवाब, गिनाए आंकड़े

Advertisement
Featured Video Of The Day
Shankaracharya Controversy Explained: पुलिस से झड़प और Supreme Court के आदेश की पूरी कहानी
Topics mentioned in this article