मजबूत महाराष्ट्र के लिए अगर ट्रंप को भी समर्थन करना पड़ेगा तो करूंगा: एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बोले राज ठाकरे

राज ठाकरे ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र की मजबूती उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठी अस्मिता पर कोई समझौता नहीं होगा, चाहे चुनाव हारना पड़े.

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  • राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप का भी वो समर्थन कर सकते हैं
  • उन्होंने मराठी लोगों के कल्याण और मराठी भाषा के संरक्षण तथा विकास को अपनी प्राथमिकता बताया
  • ठाकरे ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बीएमसी चुनावों में मराठी मुद्दे पर एकता की पुष्टि की
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मुंबई:

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए अगर डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेता का समर्थन करना पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे. ठाकरे ने साफ किया कि राजनीतिक लचीलापन का मतलब विचारधारा से समझौता नहीं है. राज ठाकरे ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मराठी लोगों का कल्याण, मराठी भाषा का संरक्षण और विकास, और एक मजबूत महाराष्ट्र है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर पानी किसी जगह तक पहुंचाना है, तो तरीका कोई भी हो सकता है, बस उद्देश्य साफ और शुद्ध होना चाहिए.”

हाल ही में ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बीएमसी चुनावों के लिए हाथ मिलाया है. इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एकता सिर्फ मराठी मुद्दे तक सीमित है. इसे राज्य या केंद्र स्तर पर चुनावी गठबंधन मानना गलत होगा. उन्होंने कहा, “चुनावी गठबंधन पूरी तरह अलग मुद्दा है.”

राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के बावजूद सरकार ने इसके लिए एक रुपया भी आवंटित नहीं किया. जबकि संस्कृत पर भारी खर्च किया जा रहा है.

मराठी अस्मिता पर रुख सख्त रहेगा: राज ठाकरे

 ठाकरे ने कहा, “भाषा बिना आर्थिक सहयोग के जीवित नहीं रह सकती.” उन्होंने जोर देकर कहा कि मराठी अस्मिता पर उनका रुख सख्त रहेगा, चाहे इसके कारण चुनाव हारना पड़े. यह उनके लिए राजनीतिक रणनीति नहीं बल्कि एक गहरी आस्था है, जो उन्हें उनके चाचा और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे से मिली है. खुद को “अत्यंत मराठी” बताते हुए ठाकरे ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा. राज ठाकरे ने दोहराया कि राजनीतिक लेबल उनके लिए मायने नहीं रखते, राज्य के हित सर्वोपरि हैं.

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