- रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण गुरुवार से शुरू होगा, जिसका उद्घाटन PM मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति करेंगे
- यह तीन दिवसीय आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय द्वारा हर साल दिल्ली में आयोजित किया जाता है
- इस साल की थीम संस्कारः दृढ़ता, सामंजस्य, प्रगति है, जिसमें AI और डिजिटल गवर्नेंस पर चर्चा होगी
रायसीना डायलॉग का 11वां एडिशन गुरुवार से शुरू होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब इसका उद्धघाटन करेंगे. तीन दिन तक चलने वाले इस इवेंट को हर साल ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और विदेश मंत्रालय मिलकर आयोजित करते हैं. 2016 में पहली बार रायसीन डायलॉग का आयोजन हुआ था. तब से हर साल इसे दिल्ली में आयोजित किया जाता है. इस बार मध्य पूर्व में तनाव के बीच इसका आयोजन हो रहा है.
तीन दिन तक चलने वाले इवेंट में दुनियाभर के नेता शामिल होते हैं. इस बार की थीम 'संस्कारः दृढ़ता, सामंजस्य, प्रगति' है. इस इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस, सप्लाई चेन में लचीलापन और हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा होगी.
किन विषयों पर होगी चर्चा
तीन दिनों के दौरान 6 अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी.
- विवादित सीमाएं: शक्ति, ध्रुवीयता और परिधि
- रिपेयरिंग द कॉमन्स: न्यू ग्रुप्स, न्यू गार्डियंस, न्यू एवेन्यूज
- व्हाइट व्हेल: द परस्यूट ऑफ एजेंडा 2030
- द इलेवन्थ आवर: क्लाइमेट, कॉन्फ्लिक्ट, एंड द कॉस्ट ऑफ डिले
- टुमॉरोलैंड: टुवर्ड्स ए टेक-टॉपिया
- ट्रेड इन द टाइम ऑफ टैरिफ्स: रिकवरी, रेजिलिएंस, रीइन्वेंशन
110 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
11वें रायसीना डायलॉग में 110 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे. इनमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख, संसद सदस्य, सैन्य कमांडर, बिजनेस लीडर, टेक्नोलॉजी लीडर, शिक्षाविद, पत्रकार, सामरिक मामलों के विद्वान, थिंक टैंक के एक्सपर्ट और युवा शामिल होंगे. इस समिट में 110 देशों के 2,700 लोग शामिल होंगे. वहीं दुनियाभर से लाखों लोग इसे अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखेंगे.














