- राहुल गांधी ने सदन में एक पूर्व सैन्य जनरल की अप्रकाशित संस्मरणों और एक पत्रिका के हवाले से कोट पढ़ा.
- इस पर स्पीकर बिरला ने कहा, "आप सदन में आरोप लगा रहे हैं और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. यह उचित नहीं है."
- इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी विरोध जताया, तब पीएम मोदी सदन में मौजूद थे.
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बिना पुष्टि के कोट पढ़ने और नियम के खिलाफ भाषण देने पर स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राहुल गांधी के "आप ही बता दीजिए क्या बोलना है" कहने पर, स्पीकर ने उनसे कहा कि वो उनके (राहुल गांधी के) सलाहकार नहीं हैं, पर सदन को नियमों के तहत चलाना उनकी जिम्मेदारी है.
दरअसल राहुल गांधी ने सदन में चर्चा के दौरान एक पूर्व सैन्य जनरल की अप्रकाशित संस्मरणों और एक पत्रिका के हवाले से कोट पढ़ा, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नियमों का हवाला देकर आपत्ति जताई. इसी पर लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें चेतावनी दी. राहुल के बार-बार टोकने पर स्पीकर बिरला ने कहा कि, "विपक्ष के नेता के रूप में आप सदन में आरोप लगा रहे हैं और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. यह उचित नहीं है." स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सभापति के रूप में उनका काम सदन को नियमों के अनुसार चलाना है, न कि सदस्यों को यह बताना कि उन्हें क्या कहना चाहिए.
इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी विरोध जताया और फिर सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला. लगातार गतिरोध बने रहने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोपहर दो बजकर नौ मिनट पर सभा की बैठक तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी. तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर फिर हंगामा हुआ तो इसे 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
लोकसभा अध्यक्ष और राहुल गांधी के बीच क्या बात हुई?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, बतौर विपक्ष के नेता, आप इस सदन में आरोप लगा रहे हैं और नियम का पालन नहीं कर रहे. यह उपयुक्त नहीं है. इसके जवाब में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, स्पीकर सर जी, "कृपया आप मुझे बताएं कि क्या कहना है."
ओम बिरला ने कहा, "मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन बतौर लोकसभा अध्यक्ष, यह मेरा कर्तव्य है कि सदन नियमों के मुताबिक चले और चर्चा सूचीबद्ध विषयों तक ही सीमित रहे."
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में कोट नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में भी बताया है.
राहुल गांधी क्या पढ़ना चाह रहे थे?
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. लोकसभा में गतिरोध के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे.
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने भाषण की शुरुआत में ही बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए पलटवार करने का प्रयास किया. उनका कहना था कि सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण के अंश को पढ़ना चाहते हैं जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
उन्होंने जैसे ही इसे पढ़ने का प्रयास किया तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वो प्रकाशित हुई है या नहीं. गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए.
इस पर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कई बार कहा कि वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें. जब राहुल गांधी इस संस्मरण के कुछ अंश सदन के पटल पर रखने पर अड़े रहे तो बिरला ने कहा, ‘आप लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं.'
राहुल गांधी ने कहा कि वह आसन को चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि चीन के साथ भारत के रिश्ते के बारे में बात रखना चाहते हैं.














