- देश में रबी सीजन की प्रमुख फसलों की बुआई 16 जनवरी 2026 तक 652.33 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है
- इस साल रबी बुआई क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में 20.88 लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है
- गेहूं की बुआई में 6.13 लाख हेक्टेयर की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है
देश में रबी सीजन की प्रमुख फसलों की बुआई इस साल 16 जनवरी 2026 तक बढ़ी है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी "Progress of area coverage under Rabi crops" रिपोर्ट के मुताबिक रबी बुआई का कुल क्षेत्र पिछले साल की तुलना में 20.88 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. कुल रबी बुआई क्षेत्र 631.45 से बढ़कर 652.33 लाख हेक्टेयर हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, 16 जनवरी 2025 को रबी फसलों का कुल बुआई क्षेत्र 631.45 लाख हेक्टेयर था. जो कि 16 जनवरी 2026 को यह बढ़कर: 652.33 लाख हेक्टेयर हो गया.
गेहूं की बुआई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
इस सीजन में रबी फसलों के तहत 20.88 लाख हेक्टेयर का अतिरिक्त क्षेत्र दर्ज किया गया है. रबी सीजन 2025–26 में सबसे अधिक बढ़ोतरी गेहूं में दर्ज की गई है. मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में गेहूं का क्षेत्र 328.04 लाख हेक्टेयर था जो कि 2026 में 334.17 लाख हेक्टेयर है. यानी गेहूं की बुआई में 6.13 लाख हेक्टेयर की बढ़त हुई है. दलहन की बुआई में 3.82 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है.
दलहन की बुआई में 3.82 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
सरकार दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार MSP में बढ़ोतरी के जरिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इसका असर इस रबी सीजन की बुआई में साफ दिखा है. 2025 में दलहन बुआई क्षेत्र 133.18 लाख हेक्टेयर था जो कि 2026 में 137.00 लाख हेक्टेयर हो गया. इस लिहाज से देखा जाए तो अबकी बार इसमें 3.82 लाख हेक्टेयर का इजाफा दर्ज किया गया है. तिलहन की बुआई में 3.53 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है.
तिलहन की बुआई में उछाल, रबी सीजन मजबूत
रिपोर्ट के अनुसार तिलहन फसलों की बुआई में भी अच्छी वृद्धि देखी गई है. साल 2025 में तिलहन क्षेत्र: 93.33 लाख हेक्टेयर था जो कि अब 2026 में 96.86 लाख हेक्टेयर है. यानी कि तिलहन की बुआई में 3.53 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है. कुल मिलाकर रबी सीजन मजबूत कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है. रबी सीजन 2025–26 की शुरुआती बुआई रिपोर्ट बताती है कि गेहूं, दलहन, तिलहन तीनों ही प्रमुख श्रेणियों में इस साल बुआई बढ़ी है. कृषि मंत्रालय इसे सकारात्मक संकेत मान रहा है और आने वाले महीनों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.














