"अजीत डोभाल ने टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया"- पैगंबर विवाद पर बोला ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की.

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ईरान के विदेश मंत्री ने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की

पैगंबर मोहम्‍मद पर टिप्‍पणी के विवाद की छाया के बीच भारत और ईरान के बीच बुधवार को व्‍यापार, कनेक्टिवटी और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के मसले पर बातचीत हुई. सरकार ने टिप्‍पणी करने वाली बीजेपी नेता को 'अराजक तत्‍व' करार देते हुए सस्‍पेंड कर दिया है. जानकारी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन (Hossein Amir-Abdollahian) ने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ चर्चा में यह मुद्दा उठाया. ईरान के अनुसार, एनएसए डोभाल ने पैगंबर के खिलाफ कमेंट करने वालों का करारा सबक सिखाने का वादा किया है.  

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई ने ईरानी पक्ष  (Iranian readout)के हवाले से बताया कि अब्दुल्लाहियन ने पैगंबर मोहम्‍मद के खिलाफ असम्‍मानजनक कमेंट से बने नकारात्‍मक माहौल का मुद्दा उठाया, इस पर भारतीय पक्ष ने इस्‍लाम के संस्‍थापक के लिए भारत सरकार के सम्‍मान को दोहराया. ईरान के अनुसार, एनएसए डोभाल ने पैगंबर के प्रति भारतीय सरकार के सम्‍मान को दोहराते हुए कहा कि 'दोषियों' से इस तरह से निपटा जाएगा ताकि अन्‍य लोग भी सबक सीख सकें. हालांकि ईरान के बयान पर सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. 

ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की. दोनों पक्षों ने लंबे समय से चली आ रही सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के अलावा करोबार, सम्पर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण आयामों पर चर्चा की.जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री बीच बैठक के दौरान चाबहार बंदरगाह, अफगानिस्तान, यूक्रेन एवं अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके साथ ही उन्होंने कारोबार, स्वास्थ्य, लोगों के बीच सम्पर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. ईरान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा ऐसे समय हुई है, जब बीजेपी के दो पूर्व पदाधिकारियों की पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर पश्चिम एशिया के देशों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है.

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय सम्पर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को रेखांकित किया और चाबहार बंदरगाह के शहीद बेहेशस्ती टर्मिनल की प्रगति की समीक्षा की. इसमें कहा गया है कि, ‘‘ दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि चाबहार बंदरगाह ने अफगानिस्तान को समुद्र तक जरूरी पहुंच मुहैया कराया है और पश्चिम एशिया सहित क्षेत्र के लिये यह वाणिज्यिक पारगमन केंद्र के रूप में उभरा है. ''बयान के अनुसाार, शिष्टमंडल स्तर की वार्ता में दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक, सांस्कृतिक, लोगों के बीच सम्पर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की. जयशंकर ने ईरान में रह रहे अफगानिस्तान के नागरिकों को कोविड-19 टीके की आपूर्ति करने सहित अफगानिस्तान के लोगों को भारतीय चिकित्सा सहायता पहुंचाने में सहयोग के लिये तेहरान की भूमिका की सराहना की.ईरान के विदेश मंत्री ने जयशंकर को संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के संबंध में वर्तमान स्थिति की जानकारी दी. दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन संकट और उसके प्रभावों के बारे में भी चर्चा की.

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