- प्रियंका गांधी को पहली बार किसी राज्य की स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी दी गई है
- केरल के प्रमुख के रूप में मधुसूदन मिस्री, तामिलनाडु और पुडुचेरी के लिए टीएस सिंह देव नियुक्त किए गए हैं
- पश्चिम बंगाल की स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख बीके हरिप्रसाद को बनाया गया है
कांग्रेस ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया है. इस कमेटी में प्रियंका गांधी को भी शामिल किया गया है. प्रियंका गांधी को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है. कांग्रेस संगठन में प्रियंका को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. प्रियंका गांधी को पहली बार किसी राज्य में स्क्रीनिंग कमिटी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.
आपको बता दें कि स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों की सूची तैयार करती है जिस पर अंतिम मुहर पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति में लगाई जाती है. प्रियंका गांधी के अलावा केरल स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी मधुसूदन मिस्री को बनाया गाय है. टीएस सिंह देवतमिलनाडु और पुडुचेरी की स्क्रीनिंग कमिटी के प्रमुख होंगे.वहीं, बीके हरिप्रसाद को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
5वों विधानसभा चुनावों में असम इकलौता राज्य है जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला बीजेपी से है. असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस की कमान सांसद गौरव गोगोई के हाथों में है. प्रियंका गांधी को भले ही टिकट बांटने की ज़िम्मेदारी मिली हो लेकिन साफ़ है कि अब वो इस राज्य के चुनाव में पार्टी के लिए केंद्रीय भूमिका निभाएंगीं. हालांकि असम के साथ प्रियंका गांधी की सक्रियता केरल में रहेगी जहां से वो सांसद भी हैं. इससे पहले प्रियंका गांधी 2019 से 2023 तक यूपी की प्रभारी रह चुकी हैं.
असम में प्रियंका गांधी की अगुवाई वाली स्क्रीनिंग कमिटी में इमरान मसूद, सप्तगिरी उलाका और श्रीवेला प्रसाद भी सदस्य होंगे. यूपी से सांसद इमरान मसूद ने हाल में ही अपने एक बयान के जरिए प्रियंका गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने की चर्चा छेड़ दी थी. इसके बाद प्रियंका गांधी के साथ स्क्रीनिंग कमिटी में उनका नाम शामिल किया जाना बेहद दिलचस्प है. बहरहाल असम कांग्रेस ने बीस जनवरी तक दावेदारों से टिकट के लिए आवेदन जमा करने को कहा है. यहां की 126 सीटों में से करीब 100 सीटों पर कांग्रेस और बची हुई 26 सीटों पर उसके सहयोगी दल लड़ेंगे.
दरअसल कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमिटी संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करती है जिस पर अंतिम मुहर पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लगाई जाती है. पांचों विधानसभा चुनाव अप्रैल–मई में संभावित हैं.असम के अलावा केरल स्क्रीनिंग कमिटी के प्रमुख वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्री बनाए गए हैं. उनके साथ नासिर हुसैन, नीरज डांगी और अभिषेक दत्त स्क्रीनिंग कमिटी के सदस्य हैं. केरल में दस सालों से वाम मोर्चे की सरकार है. कांग्रेस के लिए सत्ता में आने का सुनहरा मौका है. हाल के स्थानीय चुनाव भी कांग्रेस के पक्ष में रहे.
तमिलनाडु और पुडुचेरी की स्क्रीनिंग कमिटी की कमान छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव को सौंपी गई है. यशोमति ठाकुर, जीसी चंद्रशेखर, अनिल यादव इसके सदस्य बनाए गए हैं. तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके पर ज़्यादा सीटों के लिए दबाव बना रही है. पिछली बार कांग्रेस ने पच्चीस विधानसभा की सीटों पर चुनाव लड़ा था.वहीं, बीके हरिप्रसाद के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की स्क्रीनिंग कमिटी बनाई गई है जिसमें मोहम्मद जावेद, बीपी सिंह और ममता देवी बतौर सदस्य सदस्य शामिल हैं. बंगाल में कांग्रेस मुख्य मुक़ाबले से बाहर है और इसलिए सभी 294 सीटों पर अकेले लड़ने पर विचार कर रही है.














