राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 6 कीर्ति चक्रों और 15 शौर्य चक्रों सहित 412 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी. 6 कीर्ति चक्रों में से 4 जवानों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा. इसी तरह 2 जवानों को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा.
अशोक चक्र के बाद कीर्ति चक्र भारत में शांतिकाल में दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है. शौर्य चक्र देश का तीसरा शीर्ष शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार कीर्ति चक्र पुरस्कार विजेताओं में राष्ट्रीय राइफल्स की 62 बटालियन की डोगरा रेजिमेंट के मेजर शुभांग और राष्ट्रीय राइफल्स की 44 बटालियन की राजपूत रेजिमेंट के नायक जितेंद्र सिंह शामिल हैं.
जिन जवानों को मरणोपरांत पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा उनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के रोहित कुमार, उप-निरीक्षक दीपक भारद्वाज और हेड कांस्टेबल सोढ़ी नारायण और श्रवण कश्यप शामिल हैं.
राष्ट्रपति ने दो बार नौसेना पदक (कर्तव्य के प्रति समर्पण, मरणोपरांत), 11 नौसेना पदक जिनमें तीन मरणोपरांत, 14 वायु सेना पदक, दो बार विशिष्ट सेवा पदक और 126 विशिष्ट सेवा पदक को भी मंजूरी प्रदान की.