मणिपुर में सरकार गठन की तैयारी शुरू, BJP ने तरुण चुग को नियुक्त किया पर्यवेक्षक

मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी को एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन की मियाद खत्म हो रही है. इससे पहले बीजेपी ने सरकार गठन की तैयारी शुरू की है.

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बीजेपी नेता तरुण चुघ.
नई दिल्ली:

मणिपुर से जल्द राष्ट्रपति शासन हट सकता है. बीजेपी ने सरकार बनाने की क़वायद तेज कर दी है. मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी को एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन की मियाद खत्म हो रही है. इससे पहले बीजेपी ने सरकार गठन की तैयारी शुरू की है. पिछले एक साल से राष्ट्रपति शासन में चल रहे मणिपुर को जल्दी ही सरकार मिल सकती है. बीजेपी ने जल्दी विधायक दल बुला कर नया नेता चुनने का फ़ैसला किया है. केंद्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

बीजेपी और सहयोगी दलों के विधायक दिल्ली में

केंद्रीय नेतृत्व के बुलाने पर बीजेपी और सहयोगी दलों के सभी विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. सूत्रों के जल्दी ही उनकी मुलाकात पार्टी के शीर्ष नेताओं से होगी. इनमें गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं. इसी बीच बीजेपी ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई है. इसमें नया नेता चुना जाएगा. इसके बाद राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सकता है.

प्रेस नोट मे ंतरुण चुघ की नियुक्ति की दी जानकारी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. हालांकि, भाजपा ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि विधायक दल की बैठक कब होगी.

भाजपा के वरिष्ठ केंद्रीय नेता जल्द ही नई दिल्ली में मणिपुर के अपने और एनडीए सहयोगी दलों के विधायकों के साथ राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बड़ी संख्या में विधायक पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिकारीमयूम शारदा देवी भी विधायकों के साथ हैं.
  
12 फरवरी को खत्म हो रही राष्ट्रपति शासन की मियाद

गौरतलब है कि पिछले साल फ़रवरी में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफ़े के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. पिछले साल अगस्त में इसे छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था. यह अवधि बारह फ़रवरी को ख़त्म हो रही है. इसीलिए कोशिश है कि इससे पहले सरकार का गठन हो जाए. राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के बाद अब सरकार गठन की संभावना तेज हो गई है. 

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