ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद गल्फ के देशों में जंग जैसे हालात है. इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट के तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं से बात की. पीएम मोदी ने इस बातचीत के बारे में सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी. पीएम मोदी ने मंगलवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट किए. पीएम मोदी के ये तीनों ट्वीट अरबी भाषा में थे. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंग के बीच कतर, कुवैत और ओमान से हुई बातचीत के बारे में बताया.
कतर, कुवैत और ओमान के राष्ट्राध्यक्षों से पीएम मोदी की बातचीत
मंगलवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत की. इस दौरान वर्तमान इन देशों के सूरत-ए-हाल पर चिंता जताते हुए प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण हेतु उचित कदम उठाने पर बात की.
प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और शांति को लेकर बातचीत
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों में हालिया हमलों पर चिंता जताई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली. बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया. भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने करीबी संबंधों को दोहराते हुए सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.
कतर के अमीर से क्या हुई पीएम मोदी की बातचीत
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- मैंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की. हम कतर के साथ पूरी तरह एकजुट हैं और उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं. हमने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया. मैंने इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में भारतीय समुदाय के प्रति उनके निरंतर समर्थन और स्नेह के लिए आभार भी व्यक्त किया.
कुवैत के युवराज से पीएम मोदी की क्या हुई बातचीत
कुवैत के युवराज से हुई बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने लिखा- कुवैत के युवराज महामहिम शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ सार्थक टेलीफोन वार्ता हुई. भारत कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करता है और इस कठिन घड़ी में वहां के लोगों के साथ खड़ा है. हमने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की बहाली में संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया. कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कुवैती नेतृत्व के निरंतर समर्थन की सराहना की.
ओमान के सुल्तान से पीएम मोदी की बातचीत
ओमान के सुल्तान से बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने लिखा- मैंने महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक से बात की और पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया. मैंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की. हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क आवश्यक है. मैंने भारतीय समुदाय को ओमान के निरंतर समर्थन की गहरी सराहना की.
जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब के राष्ट्राध्यक्षों से भी पीएम मोदी की बातचीत
ये बातचीत मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात और कई भारतीयों के विभिन्न देशों में फंसे होने के बीच हुई है. प्रधानमंत्री ने सोमवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से बातचीत कर मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है और जवाबी हमलों और मिसाइल हमलों के चलते पड़ोसी देश भी इसकी चपेट में आ गए हैं.
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने जॉर्डन के किंग से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और जॉर्डन की शांति, सुरक्षा तथा वहां के लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया. पीएम मोदी ने मौजूदा संकट के दौरान जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय का आभार भी जताया.
किंग अब्दुल्ला द्वितीय से यह बातचीत पीएम मोदी की बहरीन और सऊदी अरब के नेताओं से हुई चर्चाओं के बाद हुई है, जिनमें उन्होंने उनकी संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा की थी और भारत की एकजुटता जताई थी.
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार संयम, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत और जॉर्डन के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया, जो आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं.
यह भी पढ़ें - PICS: ईरान में 165 बच्चियों की कब्र देख ट्रंप की भतीजी भी सन्न, पूछा- कोई है जो इसे जस्टिफाई करे?














