प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक राजनीतिक स्वरूप के साथ देश की दशा और दिशा तय करने वाला है. लोकसभा में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें यहां जानिए..
पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
- पीएम मोदी ने कहा कि यह भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक पल है, जो देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण में भागीदार बनाता है.
- उन्होंने कहा कि यदि महिला आरक्षण 25–30 साल पहले लागू हो गया होता, तो आज यह और अधिक परिपक्व रूप में सामने होता और समय के अनुसार उसमें सुधार भी हो चुके होते.
- पीएम ने भारत को डेमोक्रेसी की जननी बताते हुए कहा कि हजारों साल की लोकतांत्रिक यात्रा में यह विधेयक एक नया आयाम जोड़ता है.
- उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति व्यय और निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाना आज समय की मांग है.
- पीएम मोदी ने कहा कि निजी बातचीत में सभी सहमत होते हैं, लेकिन सामूहिक रूप से राजनीतिक कारणों से विरोध किया जा रहा है.
- उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—जो भी महिलाओं के अधिकारों का विरोध करता है, देश की महिलाएं उन्हें माफ नहीं करतीं और राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ती है.
- पीएम ने कहा कि 2024 में मतभेद के बावजूद सभी साथ थे और आज भी अगर सब एकजुट होंगे तो इसे किसी एक दल का नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जाएगा.
- उन्होंने अपील की कि इस विधेयक को राजनीति की तराज़ू पर न तौलकर व्यापक जनहित और राष्ट्रीय हित के नज़रिये से देखा जाए.
- सपा की मांग पर पीएम मोदी ने कहा कि वे अति पिछड़े समाज से आते हैं, लेकिन संविधान के अनुसार उनका दायित्व सभी को साथ लेकर चलना है.
- उन्होंने कहा, एक बार एक-तिहाई बहनों को यहां आने तो दो. फिर वे खुद तय करेंगी किसे क्या मिलना चाहिए—यह उनका अधिकार है.
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए विधेयक एक साथ लाने पर और कुछ राज्यों के साथ भेदभाव होने संबंधी कुछ विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा, ‘संविधान ने हमें यहां बैठकर देश को टुकड़ों में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. ना टुकड़ों में सोच सकते हैं, न टुकड़ों में निर्णय ले सकते हैं. निराधार बात है, इसमें रत्ती भर सचाई नहीं है.'
उन्होंने कहा, ‘केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए बवंडर खड़ा किया जा रहा है. मैं बड़ी जिम्मेदारी से आज सदन में कहना चाहता हूं कि दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो पश्विम हो, छोटे राज्य हों, बड़े राज्य हों..... निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी। यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. पीएम ने कहा, ‘अतीत में जो सरकारें रहीं, जिनके कालखंड में परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी.'
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