- कोलकाता में PM मोदी की रैली के लिए दक्षिणेश्वर मंदिर के मॉडल पर आधारित मंच तैयार किया जा रहा है.
- मंच पर बंगाल की सांस्कृतिक विविधता दर्शाने वाले चित्र और आध्यात्मिक प्रतीक शामिल किए गए हैं.
- मोदी रैली में लगभग अठारह हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राज्य का पहला दौरा होगा.
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी की आगामी विशाल जनसभा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं. इस रैली का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर बनाया गया मंच है, जिसे प्लाईवुड, प्लास्टर और थर्माकोल की मदद से अंतिम रूप दिया जा रहा है. करीब 50 कारीगर पिछले पांच दिनों से इस भव्य आध्यात्मिक ढांचे को तैयार करने में जुटे हैं.
BJP कार्यकर्ता बरुण बिस्वास के सुझाव पर पार्टी नेतृत्व ने कालीघाट और तारापीठ के बजाय दक्षिणेश्वर मंदिर के मॉडल को चुना है, ताकि बंगाल की गहरी आध्यात्मिक पहचान को रैली के साथ जोड़ा जा सके. मंच की सजावट में बंगाल की सांस्कृतिक विविधता का भी खास ख्याल रखा गया है. मंच के दोनों ओर हाथ से बने चित्र उत्तर से दक्षिण तक बंगाल के हर जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें दार्जिलिंग के चाय बागान, बांकुरा की टेराकोटा कला, कोलकाता मेट्रो और प्रतिष्ठित हुगली ब्रिज को दर्शाया गया है. राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को भाजपा की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में रैली को संबोधित करने के साथ ही लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे. एसआईआर के बाद 28 फरवरी को मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरांत राज्य का उनका यह पहला दौरा होगा. भाजपा द्वारा आयोजित यह रैली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के राज्यव्यापी परिवर्तन यात्रा अभियान के समापन का प्रतीक होगी.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली जबरदस्त बढ़त और 2021 के विधानसभा चुनाव में जीत से दूर रहने के बाद, भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हाल के वर्षों में उसका सबसे व्यापक राज्यव्यापी अभियान माना जा रहा है. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन के एक दिन बाद, एक मार्च को शुरू हुई इस यात्रा ने राज्य भर में लगभग पांच हजार किलोमीटर की दूरी तय की है और यह 237 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी है.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘परिवर्तन यात्रा 237 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है और 10 लाख से अधिक लोगों ने इसका स्वागत किया है. कल मोदी ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विशाल रैली को संबोधित करेंगे.''
एसआईआर कवायद के बाद 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मतदाताओं की संख्या का लगभग 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी अधिक रह गई है. इसके अतिरिक्त, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘‘न्यायिक जांच के अधीन'' श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जाएगी.
मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ऐसी खबरें हैं कि निर्वाचन आयोग अगले सप्ताह चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है. इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी क्षेत्रों से संबंधित विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही आधारशिला भी रखेंगे. सड़क संपर्क को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के तहत, मोदी लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत से कुल 420 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला भी रखेंगे.
इन परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 के खंड और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, यात्रा का समय कम करना और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना है. वह एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे खंड के पांच पैकेज सहित कई नयी राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे.
रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य में पुनर्विकसित किए गए छह रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और बुनियादी ढांचा तैयार करना है.
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