PM Modi Bilateral Meetings Today: नई दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) के बीच आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिलेंगे. उनका बुधवार का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है, जो कि किसी कूटनीतिक मेगा मैराथन से कम नहीं है. बुधवार को एक या दो नहीं, बल्कि कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठकें तय हैं. हैदराबाद हाउस में होने वाली इन बैठकों को भारत की तेजी से बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी आज स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, भूटान और कजाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे. तय शेड्यूल के मुताबिक, इनमें स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़, फिनलैंड के प्रधानमंत्री एंटी पेटेरी ऑर्पो, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग टोबगे और कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव शामिल हैं.
फ्रांस और ब्राजील भी चर्चा में
फ्रांस और ब्राजील के नेताओं की मौजूदगी भी इस समिट की खासियत है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले ही भारत दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ रणनीतिक सहयोग, तकनीक और व्यापार जैसे मुद्दों पर बातचीत कर चुके हैं. वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भी समिट में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जा रहे हैं, हालांकि उनका विस्तृत द्विपक्षीय कार्यक्रम अलग तारीखों पर तय बताया जा रहा है.
AI समिट बना वैश्विक नेताओं का मंच
दरअसल, भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 ने दुनिया भर के नेताओं को एक मंच पर ला दिया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुखों की मेजबानी का मौका भारत को मिला है. चर्चा के केंद्र में है- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य. इसी वजह से आज का दिन कूटनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कम समय में इतने देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत भारत की वैश्विक रणनीति और साझेदारियों को नई दिशा दे सकती है.
हैदराबाद हाउस में 'डिप्लोमैटिक असेंबली लाइन'
आज की बैठकों का शेड्यूल लगभग पूरे दिन फैला हुआ है. सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय स्लॉट में नेताओं का आगमन और बातचीत होगी. इस तरह हैदराबाद हाउस एक तरह से 'डिप्लोमैटिक असेंबली लाइन' बन जाएगा, जहां लगातार उच्चस्तरीय मुलाकातें होंगी.
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बैठकों में AI सहयोग, टेक्नोलॉजी निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप साझेदारी और रणनीतिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. AI Impact Summit को भारत की टेक्नोलॉजी कूटनीति का बड़ा मंच माना जा रहा है, जहां विज्ञान और विदेश नीति साथ-साथ आगे बढ़ रही है.
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
एक ही दिन में इतने देशों के नेताओं से प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात यह दिखाती है कि भारत अब वैश्विक संवाद का केंद्र बनता जा रहा है. AI जैसे उभरते क्षेत्र में नेतृत्व की कोशिशों के बीच यह बैठकें केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भविष्य की साझेदारियों की नींव भी मानी जा रही हैं.
नई दिल्ली में चल रहे इस समिट के जरिए भारत न सिर्फ तकनीकी चर्चा की मेजबानी कर रहा है, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी दुनिया को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहा है और आज का दिन उसी प्रयास की सबसे बड़ी झलक बनने जा रहा है.














