फोन टैपिंग मामलाः CBI को नहीं मिले पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे, ट्रेस करने की कोशिशें जारी

साल भर पहले एक व्हिसलब्लोअर ने सेबी को शिकायत की थी कि कुछ ब्रोकर्स और सिक्योरिटी फर्म को तरजीह दी जा रही है. इसके बाद, एनएसई के तत्कालीन अधिकारियों ने 2019 में फोन टैपिंग मशीन को ई कचरे के तौर पर डिस्पोज ऑफ करने की कोशिश की थी. 

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CBI तलाशी के दौरान संजय पांडे के कार्यालय से 25 डेस्कटॉप जब्त किए गए हैं. (फाइल)
मुंबई:

फोन टैपिंग मामले (Phone tapping case) में मुंबई के पुलिस कमिश्नर संजय पांडे (Sanjay Pandey) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को नहीं मिले हैं. सीबीआई के अधिकारियों ने संजय पांडे के घर की तलाशी भी ली है. हालांकि यह बताया जा रहा है कि संजय पांडे फिलहाल मुंबई में ही हैं और टीमें उन्हें ट्रेस करने की कोशिश में जुटी हुई हैं. इससे पहले संजय पांडे से हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने भी पूछताछ की थी. 

जांच में सामने आया है कि एनएसई कोल एलोकेशन घोटाला सामने आने के बाद संजय पांडे और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण ने 2017 में फोन टैपिंग बंद कर दी थी. जोगेश्वरी कार्यालय में कुल 120 कॉल इंटरसेप्ट करने की सुविधा है. 4 लैंडलाइन फोन से प्रत्येक से एक बार में 30 कॉल इंटरसेप्ट किए जा सकते हैं. ये लैंडलाइन एनएसई में थे. 

साल भर पहले एक व्हिसलब्लोअर ने सेबी को शिकायत की थी कि कुछ ब्रोकर्स और सिक्योरिटी फर्म को तरजीह दी जा रही है. इसके बाद, एनएसई के तत्कालीन अधिकारियों ने 2019 में फोन टैपिंग मशीन को ई कचरे के तौर पर डिस्पोज ऑफ करने की कोशिश की थी. 

सीबीआई की तलाशी के दौरान जोगेश्वरी में संजय पांडे के कार्यालय से 25 डेस्कटॉप जब्त किए गए हैं. साथ ही दो लैपटॉप भी बरामद किए गए हैं. सीबीआई को 2 लैपटॉप के साथ संजय पांडे के ऑफिस में RAID सर्वर मिला है.  साथ ही सीबीआई की तलाशी के दौरान फोन टैपिंग की असली ट्रांसक्रिप्ट और वॉइस सैंपल भी बरामद किए हैं. बता दें कि RAID सर्वर एक डेटा स्टोरेज तकनीक है, जो एक ही स्थान पर कई सर्वरों को आपस मे जोड़ती है. 


 

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