पकड़ा गया फर्जी डीआरएम, 4170 रुपये का जुर्माना भी लगा

Fake Drm : टीटीई ने फर्जी डीआरएम वरुण सहगल से किराया जुर्माना 4170/- रुपये वसूल किया. जब ट्रेन भोपाल स्टेशन पर पहुंची, तो राजकीय रेलवे पुलिस ने उस व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई.

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29 अप्रैल को टिकट चेकिंग स्टॉफ अमरजीत सिंह गाड़ी संख्या 12138 पंजाब मेल में अपनी नियमित ड्यूटी पर थे. ट्रेन को चेक करने के दौरान उन्हें प्रथम श्रेणी वातानुकूलित के H/A-1 कोच के कूपे संख्या B में एक व्यक्ति यात्रा करते हुए मिला. उस व्यक्ति ने अपने आप को मंडल रेल प्रबंधक बताया. जब अमरजीत सिंह ने उस व्यक्ति से परिचय पत्र और ट्रैवल अथॉरिटी मांगी, तो वह कोई भी ऐसा प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका. इससे अमरजीत सिंह को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी.

पूछताछ करने पर उस व्यक्ति ने अपना नाम वरुण सेगल बताया, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र या अधिकृत कागजात नहीं थे जो उसकी पहचान की पुष्टि कर सकें. टीटीई ने रेलवे सुरक्षा बल बीना के सहायक उप निरीक्षक कंचन कुमार ताम्रकार और राजकीय रेलवे पुलिस के सहायक उप निरीक्षक केवल सिंह को इस संबंध में सूचित किया. हालांकि, गाड़ी के सिग्नल हो जाने के कारण बीना में उस व्यक्ति को नहीं उतारा जा सका. इसके बाद, उस व्यक्ति को दो स्टाफ के साथ भोपाल भेजा गया ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

इस मामले में, टीटीई ने फर्जी डीआरएम वरुण सहगल से किराया जुर्माना 4170/- रुपये वसूल किया. जब ट्रेन भोपाल स्टेशन पर पहुंची, तो राजकीय रेलवे पुलिस ने उस व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई. जीआरपी थाना भोपाल की तहरीर पर रेल सुरक्षा बल भोपाल पोस्ट ने अपराध क्रमांक 1621/25 धारा 145, 146 के तहत आरोपी वरुण सहगल पर रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की.

रेल प्रशासन सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे उचित यात्रा प्रपत्र/टिकट लेकर ही यात्रा करें, अन्यथा उन्हें जुर्माने या जेल या दोनों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा, व्यक्तिगत सम्मान की क्षति भी सामाजिक रूप से हो सकती है.

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