तांत्रिक बाबा पर पुराने केस, क्लाइंट्स की संदिग्ध मौतें और नया वीडियो, जानिए पीरागढ़ी केस में अब तक क्या-क्या मिला

पीरागढ़ी आत्महत्या मामले में पुलिस की जांच अब एक कथित तंत्र-मंत्र करने वाले बाबा पर केंद्रित हो गई है, जो पहले भी कई संदिग्ध मौतों से जुड़ा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पीरागढ़ी आत्महत्या मामले में एक बाबा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है जो तंत्र-मंत्र का झांसा देता था
  • बाबा ने लोगों को पैसा कमाने के वादे कर झांसा देकर कई लोगों को नुकसान पहुंचाया
  • बाबा के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन सबूतों के अभाव में वह बच निकलता था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

पीरागढ़ी आत्महत्या मामले की परतें अब तेजी से खुलती दिख रही हैं. एनडीटीवी के पास मौजूद एक्सक्लूसिव वीडियो और तस्वीरों ने जांच को एक नए मोड़ पर पहुंचा दिया है. यह मामला अब केवल एक आत्महत्या नहीं रहा इसके पीछे एक ऐसे ‘बाबा' की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है, जिसके बारे में पुलिस को पहले से कई गंभीर सुराग मिले हैं.

सूत्रों की मानें तो यह वही बाबा है जो खुद को तंत्र-मंत्र का जानकार बताकर लोगों को पैसा कमाने के लालच में फंसाता था. “मेरी शक्ति से धनवर्षा होगी”, “मेरे तंत्र-मंत्र से पैसा दुगना-चौगुना होगा” ऐसे लुभावने वादे उसकी पहचान बन चुके थे. ऐसा माना जा रहा है कि इसी तरह के झांसे में कई लोग पहले भी अपनी जान और माल दोनों गंवा बैठे हैं. यही कारण है कि दिल्ली पुलिस कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलकर जांच कर रही है.

बाबा के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले 

पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि बाबा के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उसके कई क्लाइंट्स संदिग्ध परिस्थितियों में या तो मर चुके हैं या वर्षों से लापता हैं, लेकिन हर बार सबूतों के अभाव में वह कानून के शिकंजे से बच निकलता था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह बाबा किसी खास भेषभूषा में नहीं रहता साधारण परिवार, साधारण जीवन और दिखने में एक आम व्यक्ति.शायद यही वजह है कि वह लोगों के बीच आसानी से भरोसा कायम कर लेता है.

Advertisement

अब पीरागढ़ी मामले में भी उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. घटना वाले दिन वह काफी देर तक उस कार में बैठा था जिसमें रणधीर और शिवनरेश मौजूद थे. यह भी सामने आया है कि वह रणधीर के ठीक बगल वाली सीट पर बैठा हुआ था. पुलिस को शक है कि मृतक लक्ष्मी ने ही बाबा को रणधीर और शिवनरेश से मिलवाया था, क्योंकि उसका परिवार बाबा को पहले से जानता था.

 रणधीर बाबाओं पर करता था भरोसा

रहस्य को और गहरा कर देने वाली बात यह है कि रणधीर के घर पर पिछले 4–5 वर्षों से अलग-अलग पंडित या बाबा पूजा-हवाला के लिए आते रहे थे. जब परिवार ने इस पर आपत्ति जताई तो रणधीर घर के बाहर खेत में पूजा कराने लगा. परिवार का कहना है कि रणधीर आर्थिक रूप से बेहद मजबूत था और उसके आत्महत्या करने का सवाल ही नहीं उठता.

Advertisement

कार की पुलिस जांच में जो सामान मिला सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल, हेलमेट, गमछा और ट्रैक सूट उसने मामले को और उलझा दिया है. पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों ही एंगल पर जांच कर रही है. बाबा अब दिल्ली पुलिस के रडार पर है और उसकी पुरानी हिस्ट्री से जुड़े कई कड़ियां एक एक कर सामने आ रही हैं.

ये भी पढ़ें-: कानपुर, नोएडा, दिल्ली, पुणे... देश के 5 सबसे चर्चित लग्जरी कार हादसे, रसूखदार आरोपियों को क्या मिली सजा?

Featured Video Of The Day
Colombia Plane Crash | कोलंबिया में बड़ा विमान हादसा, 110 सैनिक थे सवार | BREAKING NEWS
Topics mentioned in this article