- मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर उग्रवादी समूहों से संपर्क का आरोप लगाया है.
- पवन खेड़ा के खिलाफ चुनाव परिणाम प्रभावित करने के लिए तीन से चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और जांच जारी है.
- कांग्रेस प्रवक्ता के बयान के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव बाद पता चलेगा कि जेल कौन जाएगा.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए उग्रवादी समूहों से संपर्क करने की कोशिश करने के आरोप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ तीन से चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. शर्मा ने ये आरोप कांग्रेस प्रवक्ता के उस बयान के एक दिन बाद लगाए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ ही हफ्तों के भीतर मुख्यमंत्री को उनके कथित भ्रष्टाचार के कारण जेल में डाल दिया जाएगा.
शर्मा ने पत्रकारों को बताया, 'असम में चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए कुछ उग्रवादी संगठनों से संपर्क करने की कोशिश करने के आरोप में पवन खेड़ा के खिलाफ पहले से ही तीन . चार मामले दर्ज हैं.' उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'इसलिए, चुनाव के बाद पता चलेगा कि जेल कौन जाएगा. मुझे लगता है कि पवन खेड़ा का आखिरी संबोधन असम की जेल में होगा.'
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और संचार अध्यक्ष से तत्काल कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी. खेड़ा ने बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी सरकार केवल अपने हितों के लिए काम करती है, और मुख्यमंत्री सहित मंत्री अपने परिवार के हितों को सर्वोपरि रखते हैं. उन्होंने दावा किया था, 'चुनाव के बाद हिमंत विश्व शर्मा को कोई नहीं बचा सकता, यहां तक कि दिल्ली में बैठे उनके आका भी नहीं. असम विधानसभा के नतीजे घोषित होते ही कुछ ही हफ्तों में वह जेल में होंगे.'
खेड़ा ने विश्वास व्यक्त किया कि गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस और उसके सहयोगी राज्य में अगली सरकार बनाएंगे और 'असम का एक नया मॉडल' स्थापित करेंगे. असम विधानसभा के 126 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव इस साल अप्रैल में होने की संभावना है. परिसीमन प्रक्रिया (जो 2023 में हुई थी) के बाद ये पहले विधानसभा चुनाव होंगे.
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