पासपोर्ट बनवाना महंगा हो गया है. अब तक जो पासपोर्ट 1,500-2,000 में बन जाता था, अब उसी के लिए 5 से 6 हजार रुपये खर्च करने होंगे. पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा होने वाला है. पासपोर्ट और उससे जुड़ी सर्विसेस की फीस में 75% तक बढ़ोतरी हो गई है.
इसके लिए सरकार ने पासपोर्ट नियम 1980 में बदलाव किया है. इसके बाद अब 1 जुलाई से 36 पन्नों के नॉर्मल पासपोर्ट के लिए 2,500 रुपये और 60 पन्नों के पासपोर्ट के लिए 3,500 रुपये खर्च होंगे. पासपोर्ट फीस में यह बढ़ोतरी 14 साल बाद हुई है.
कितनी बढ़ी फीस?
सामान्य पासपोर्ट
- पहले: 36 पन्नों का नया पासपोर्ट 1,500 रुपये में बनता था. वहीं, 60 पन्नों का पासपोर्ट 2,000 रुपये में बन जाता था.
- अब: 36 पन्नों का नया पासपोर्ट अब 2,500 रुपये में जबकि, 60 पन्नों वाला पासपोर्ट 3,500 रुपये में बनकर तैयार होगा.
तत्काल पासपोर्ट
- पहले: 36 पन्नों का नया पासपोर्ट तत्काल में बनवाने पर 3,500 रुपये लगते थे. वहीं, 60 पन्नों का पासपोर्ट तत्काल में 4,000 रुपये में बनता था.
- अब: 36 पन्नों का नया पासपोर्ट तत्काल में 5,000 रुपये में बनेगा. जबकि, 60 पन्नों के पासपोर्ट को तत्काल में बनवाने के लिए 6,000 रुपये खर्च होंगे.
गुम या खराब हुए पासपोर्ट
- पहले: गुम या खराब हुए 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए 3,000 और तत्काल आवेदन के लिए 5,000 रुपये लगते थे. 60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए 3,500 तो तत्काल के मामले में 5,500 रुपये लगते थे.
- अब: 36 पन्नों वाला ऐसा पासपोर्ट सामान्य तरीके से बनाने पर 5,000 और तत्काल में बनवाने पर 7,500 रुपये लगेंगे. जबकि, 60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 5,000 और तत्काल में बनवाने पर 8,500 रुपये खर्च करने होंगे.
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पासपोर्ट बनवाना कितना आसान?
पासपोर्ट बनवाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं. उन्होंने पिछले साल कहा था कि 2013 के पहले तक पासपोर्ट बनवाने में वेटिंग टाइम 50 दिन से ज्यादा होता था लेकिन अब 5-6 दिन में पासपोर्ट बन जाता है.
इसी साल फरवरी में विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया था कि अब देशभर में पासपोर्ट के लिए औसत वेटिंग टाइम 7 से 10 दिन का हो गया है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब देशभर में 37 रीजनल पासपोर्ट ऑफिस हैं. लगभग 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र हैं. इनके अलावा 450 से ज्यादा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) हैं.
लेकिन रिश्वतखोरी सबसे बड़ी समस्या!
पासपोर्ट बनवाना भले ही पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान हो गया हो लेकिन 'रिश्वतखोरी' अब भी बहुत बड़ी समस्या है. खासकर पुलिस वेरिफिकेशन में. हाल ही में मुंबई के खार में एक पुलिस कॉन्स्टेबल पर पासपोर्ट के लिए रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज किया था.
पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन सबसे अहम प्रक्रिया है, क्योंकि आपको पासपोर्ट मिलेगा या नहीं, ये इसी वेरिफिकेशन पर तय करता है. लेकिन इस वेरिफिकेशन के लिए ज्यादातर लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है.
हाल ही में Local Circle ने एक सर्वे किया था. इस सर्वे में 33 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था. इसमें शामिल 58% लोगों ने पासपोर्ट के लिए रिश्वत देने की बात बताई थी. ये वो लोग थे जिन्होंने बीते 5 साल में पासपोर्ट बनवाया है. इनमें से 34% लोग ऐसे थे जिनसे सीधे तौर पर रिश्वत मांगी गई थी. जबकि, 24% लोगों ने रिश्वत इसलिए दी थी, ताकि सारी चीजें आसानी से हो जाएं.
वहीं, 4% लोगों ने बताया था कि रिश्वत मांगी गई थी लेकिन उन्होंने दी नहीं. सर्वे में शामिल 38% लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने बताया था कि उनसे कोई रिश्वत नहीं मांगी गई.
हालांकि, इसी सर्वे में शामिल 81% लोगों ने पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपना अच्छा अनुभव बताया था, जबकि 14% ने औसत बताया था. इनमें से 5% लोग ऐसे थे जिन्होंने पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपना अनुभव खराब बताया था.
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