दिल्ली से गोरखपुर 8 घंटे में, यूपी-हरियाणा के 22 जिलों से गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे, 'गंगा एक्सप्रेसवे' से भी बड़ा

Panipat-Gorakhpur Expressway: अभी हरियाणा के पानीपत और अंबाला से गोरखपुर जाने वाले वाहनों को दिल्ली, लखनऊ या कानपुर से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बनने से सफर 15-16 घंटे से सिर्फ 8-9 घंटे का रह जाएगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
यूपी को मिलने जा रहा एक और नया एक्सप्रेसवे.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • गंगा एक्सप्रेसवे के बाद उत्तर प्रदेश को एक नए एक्सप्रेसवे का तोहफा मिलने जा रहा है,
  • एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत को यूपी के तराई क्षेत्रों से होते हुए पूर्वांचल के केंद्र गोरखपुर से जोड़ेगा
  • पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई अनुमानित करीब 700 से 750 किलोमीटर है
नई दिल्ली:

गंगा एक्सप्रेसवे के बाद उत्तर प्रदेश को एक और नए एक्सप्रेसवे का तोहफा मिलने जा रहा है, जो कि गंगा एक्सप्रेसवे से भी लंबा होगा. यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत को यूपी के तराई क्षेत्रों से होते हुए पूर्वांचल के केंद्र गोरखपुर से जोड़ेगा. इस एक्सप्रेसवे का एक अन्य नाम गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे भी है. इससे यूपी और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी. इससे बनने से पूर्वी यूपी के जिले दिल्ली-एनसीआर के भी करीब आ जाएंगे.  इस एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से जानिए. 

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे योजना है. इससे पानीपत से गोरखपुर पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा. 

  • अनुमानित लंबाई करीब 700 से 750 किलोमीटर
  • 6-लेन एक्सप्रेसवे, भविष्य में 8-लेन तक विस्तार हो सकता है
  • हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर यूपी के गोरखपुर तक जाएगा
  • एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 
  • हरियाणा और यूपी के तराई क्षेत्र और बिहार-पूर्वांचल के बीच माल ढुलाई का सीधा रास्ता

 किन जिलों और क्षेत्रों से होकर गुजरेगा?

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होकर गुजरेगा. वर्तमान में गोरखपुर से दिल्ली या हरियाणा जाने में 12 से 14 घंटे लगते हैं. नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से यह समय घटकर करीब 7 से 8 घंटे रह जाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए यूपी के 133 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

  • करीब 22 से 25 जिलों से होते हुए गुजरेगा. हरियाणा: पानीपत (यमुना पार कर यूपी में एंट्री)
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मोरादाबाद और रामपुर
  • मध्य उत्तर प्रदेश (तराई बेल्ट): बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल): श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर 

NHAI द्वारा प्रस्तावित इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.  6-लेन के प्रस्तावित इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है. 

Advertisement

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे इन 6 एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा

  1.  गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे  ( बिहार से होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा)
  2. दिल्ली-कटरा,अंबाला-पानीपत एक्सप्रेसवे (दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे (NH-152D) से कनेक्ट होगा)
  3. ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे , केएमपी एक्सप्रेसवे (पानीपत / बागपत-शामली बॉर्डर)
  4. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (शामली, मुजफ्फरनगर से कनेक्ट होगा)
  5. गंगा एक्सप्रेसवे (बिजनौर, मुरादाबाद क्षेत्र में इंटरजेंच कर सकेंगे)
  6. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ाव)

एक्सप्रेसवे बनने से क्या-क्या फायदे?

इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने से पानीपत से गोरखपुर और इसके बीच में पड़ने वाले शहरों की दूरी काफी कम हो जाएगी. वहां तक जाने में समय की भी बचत होगी. अभी हरियाणा के पानीपत और अंबाला से गोरखपुर जाने वाले वाहनों को दिल्ली, लखनऊ या कानपुर से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे जाम के साथ-साथ समय भी ज्यादा लगता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद सफर 15-16 घंटे से सिर्फ 8-9 घंटे का रह जाएगा.

नेपाल सीमा और देश के पूर्वोत्तर हिस्सों से सीधा जुड़ाव

 यह एक्सप्रेसवे भारत-नेपाल सीमा की तरह ही यूपी के कई तराई क्षेत्रों से होकर गुजरेगा. जिसकी वजह से सीमा सुरक्षा बलों (SSB) की आवाजाही भी आसान हो जाएगी. साथ ही नेपाल के साथ व्यापार भी स्पीड पकड़ेगा.

औद्योगिक और कृषि सेक्टर को फायदा

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: पानीपत का टेक्सटाइल हब, शामली-मुजफ्फरनगर का चीनी उद्योग, बरेली का हस्तशिल्प और पूर्वांचल का कृषि उत्पाद आपस में सीधे जुड़ जाएंगे. एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक गलियारे भी बनाए जाएंगे.

Advertisement

 दिल्ली-एनसीआर को क्या फायदा?

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली-NCR को भी फायदा पहुंचेगा. दरअसल अभी पंजाब, हिमाचल और हरियाणा से देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों यानी कि बिहार, पश्चिम बंगाल, असम की ओर जाने वाले भारी कमर्शियल वाहन  दिल्ली या लखनऊ से होकर गुजरते हैं. लेकिन एक्सप्रेसवे बनने से ये उत्तरी बाईपास कॉरिडोर से जा सकेंगे. 

एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट का काम कहां तक पहुंचा?

अभी एक्सप्रेसवे के लिए डीपीआर बनाने और सर्वे का काम चल रहा है. अब रूट का आखिरी चयन हो जाएगा तब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आगे चलकर यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे हरियाणा और देश के पश्चिमी हिस्सों से सीधे पूर्वोत्तरतक बढ़िया कनेक्टिविटी हो जाएगी. 

ये भी पढ़ें-बिहार बॉर्डर से निकलेगा ये सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, देवघर से बंगाल तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, यूपी को भी फायदा

Featured Video Of The Day
गुजरात से महाराष्ट्र बारिश का तांडव! बाढ़ से कहां-कहां तबाही?

Topics mentioned in this article
Panipat Gorakhpur Expressway
Gorakhpur Shamli Expressway
Gorakhpur Shamli Expressway Route
Ganga Expressway
UP Expressway