गोवा की राजधानी पणजी की 30 वार्डों वाली सिटी कॉरपोरेशन ऑफ पणजी (CCP) चुनाव के नतीजों की गिनती आज सुबह 8 बजे श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में शुरू हो गई. मतदान 11 मार्च को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें 69.07% वोटिंग दर्ज की गई. खास तौर पर वार्ड 23 में 81.94% की रिकॉर्ड भागीदारी रही, जहां 48 बूथों पर बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान हुआ. चुनाव में 69 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि आरक्षण के तहत 10 वार्ड महिलाओं, 8 ओबीसी, और 1 एसटी के लिए निर्धारित हैं.
इस बार का चुनाव बेहद हाई‑स्टेक माना जा रहा है, जहां एक तरफ पणजी विधायक अतानासियो ‘बाबूश' मोन्सरात के नेतृत्व वाली BJP‑समर्थित पैनल, जिसमें वार्ड 4 से मौजूदा मेयर रोहित मोन्सरात भी शामिल हैं, पूरे दमखम से उतरी है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित विपक्षी मोर्चा और उत्पल पर्रिकर जैसे निर्दलीय उम्मीदवारों का गठजोड़ इस मुकाबले को कड़ी चुनौती दे रहा है.
2021 का रिकॉर्ड और 2026 की जंग
पिछले CCP चुनाव (20 मार्च 2021) में BJP‑समर्थित पैनल ने बड़ी जीत दर्ज की थी, जहां 30 में से 25 वार्ड उनके खाते में गए थे, जबकि बाकी सीटें निर्दलीयों और विपक्ष समर्थित उम्मीदवारों के पास गई थीं. उस समय मतदान 70.19% रहा था. गोवा के अन्य नगर निकाय चुनावों की तुलना में कम था. यह जीत पणजी की स्थानीय राजनीति में मोन्सरात गुट की पकड़ को मजबूत करने में अहम साबित हुई थी, खासकर इन्फ्रास्ट्रक्चर, वेस्ट मैनेजमेंट और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर.
2026 के नतीजों पर क्यों रहेगी नजर?
इस बार विपक्ष संगठित है और मतदान भी उत्साहजनक रहा है. ऐसे में कई वार्डों में करीबी मुकाबला होने की संभावना है. ये परिणाम CCP की नई नेतृत्व दिशा तय करेंगे और संभावित रूप से गोवा विधानसभा चुनावों पर भी असर डाल सकते हैं. चूंकि BJP की ऐतिहासिक बढ़त मजबूत रही है, लेकिन इस बार अधिक वोटिंग और विपक्षी एकता कई वार्डों में समीकरण बदल सकती है.














