पाकिस्तान की एक और कोशिश नाकाम, भारतीय सेना से जुड़े कई वेबसाइटों को हैक करना का प्रयास रहा असफल

“आईओके हैकर” इंटरनेट ऑफ खिलाफ़ा नामक समूह के नाम से काम कर रहे साइबर हमलावरों ने वेबसाइटों को विकृत करने, ऑनलाइन सेवाओं में बाधा डालने और व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश की.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नई दिल्ली:

भारत की साइबर संप्रभुता पर हमला करने की पाकिस्तान की एक और प्रयास नाकाम हो गई है. पहलगाम में आतंकी हमला और सीमा नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन करने के बाद, पाकिस्तान अब भारत की डिजिटल सुरक्षा को चुनौती देने की असफल कोशिश कर रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा नेटवर्क की अभेद्य संरचना के चलते पाकिस्तान ने अब अपना ध्यान कल्याणकारी और शैक्षणिक वेबसाइटों की ओर मोड़ दिया है, जो सार्वजनिक रूप से सुलभ हैं.  

“आईओके हैकर” इंटरनेट ऑफ खिलाफ़ा नामक समूह के नाम से काम कर रहे साइबर हमलावरों ने वेबसाइटों को विकृत करने, ऑनलाइन सेवाओं में बाधा डालने और व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश की. हालांकि, भारत की बहुस्तरीय साइबर सुरक्षा प्रणाली ने इन प्रयासों का तुरंत पता लगा लिया और इनकी उत्पत्ति पाकिस्तान से होने की पुष्टि कर दी.

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, चार संबंधित घटनाएं दर्ज की गई हैं. आर्मी पब्लिक स्कूल, श्रीनगर और एपीस रानीखेत की वेबसाइटों को भड़काऊ प्रचार से निशाना बनाया गया, वहीं एपीस श्रीनगर पर एक डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस  हमला भी किया गया. आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइज़ेशन के डेटाबेस में सेंध लगाने की कोशिश की गई, जबकि इसी समय भारतीय वायुसेना प्लेसमेंट ऑर्गनाइज़ेशन पोर्टल को भी निशाना बनाया गया. चारों वेबसाइटों को समय रहते अलग कर सुधारात्मक कार्रवाई की गई. किसी भी संवेदनशील या संचालनात्मक नेटवर्क को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

ये विफल प्रयास दुश्मन की मंशा के साथ-साथ उसकी सीमित क्षमताओं को भी उजागर करते हैं. भारतीय सेना अपने साइबर स्पेस की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है, वह लगातार अपनी साइबर क्षमताओं को मजबूत कर रही है और सैनिकों व उनके परिवारों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Kolkata TMC-BJP Clash: PM Modi की रैली से पहले आपस में भिड़े TMC और BJP कार्यकर्ता | Breaking
Topics mentioned in this article