- आर्मी डे के राष्ट्रीय कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रगति पर जानकारी दी
- ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ सोच-समझकर और मानवीय मूल्यों के साथ की गई सैन्य कार्रवाई है
- राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंक की सोच खत्म होने तक शांति के प्रयास लगातार जारी रहेंगे
जयपुर में आर्मी डे के उपलक्ष्य में परेड के राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वहीं, शाम को सवाई मानसिंह स्टेडियम में शौर्य संध्या कार्यक्रम हुआ. इस दौरान रक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम में शामिल होने जयपुर पहुंचे. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान की वीर धरती से घोषणा कर रहा हूं. जब तक आतंक की सोच खत्म नहीं होगी, तब तक हमारा शांति के लिए यह प्रयास लगातार चलता रहेगा.
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने न केवल अपनी सैन्य ताकत दिखाई, बल्कि अपने राष्ट्रीय स्वभाव का भी परिचय दिया. हमने ऑपरेशन में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की. लेकिन यह कार्रवाई सोच-समझकर और मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर की गई. यह ऑपरेशन इतिहास में साहस व संतुलन का प्रतीक बनेगा.
इस दौरान उन्होंने सेना में महिलाओं की भागीदारी के विषय पर भी बोला. उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं को सेना में मौके देने में कई पारंपरिक व सांस्कृतिक बाधाएं मौजूद हैं. इस दिशा में शुरुआत हो चुकी है. 2021 से नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में महिलाओं का एडमिशन शुरू कर दिया गया है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया अनिश्चिता के दौर से गुजर रही है. दुनिया में स्थापित धारणाएं टूट रही हैं. ऐसे में सेना का मजबूत होना और आधुनिकीकरण किसी देश के अस्तित्व के लिए बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान से यह ऐलान करता हूं कि हम 2047 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे सशक्त सेना बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं. हमारी सेना शांति दूत बनकर उभरी है, जो 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को मजबूत करती है.













