2025 रक्षा मंत्रालय के लिए एक यादगार साल के रूप में इतिहास में दर्ज होगा. ‘सुधारों का वर्ष' न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की बड़ी प्रगति का गवाह बना, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस, समर्पण और सटीक कार्रवाई को भी दिखाया. आतंकवाद के खिलाफ नीति में बदलाव के बाद, भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और सीमाओं की पूरी तरह रक्षा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में देश ने साफ संदेश दिया कि भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा. ऑपरेशन में मेड-इन-इंडिया हथियारों का प्रभावी उपयोग आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की मजबूती को दिखाता है. 2025 ने सुरक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की झलक दी.
ऑपरेशन सिंदूर
यह अभियान 6–7 मई 2025 की रात को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी. भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए. ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े थे. इस कार्रवाई में आतंकियों को अधिकतम नुकसान और आम नागरिकों को न्यूनतम क्षति हुई. रक्षा मंत्री ने संसद में कहा कि यह पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी.
10 मई 2025 को पाकिस्तान ने मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट से भारतीय ठिकानों पर बड़ा हमला किया, जिसे भारत की एयर डिफेंस और काउंटर-ड्रोन सिस्टम ने पूरी तरह नाकाम कर दिया. जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. बाद में दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर बातचीत हुई और सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया गया. यह ऑपरेशन तकनीकी आत्मनिर्भरता और तीनों सेनाओं के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण रहा.
मिशन सुदर्शन चक्र
स्वतंत्रता दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया. उन्होंने मिशन सुदर्शन चक्र की घोषणा की, जिसका उद्देश्य दुश्मन की घुसपैठ रोकना और भारत की हमला क्षमता को मजबूत करना है. इस मिशन के तहत देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन
वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. यह पिछले वर्ष की तुलना में 18% वृद्धि है. लक्ष्य है कि 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन किया जाए.
अब तक का सबसे अधिक रक्षा निर्यात
वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. 2029 के लिए रक्षा निर्यात का लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये रखा गया है.














