- ओडिशा के मयूरभंज जिले के हातीसालबेड़ा जंगल में एक महिला ने अपने पति पर भालू के हमले के दौरान साहस दिखाया
- महिला लिली सोरेन ने टांगिया उठाकर भालू से लड़ाई की और घायल भालू को जंगल की ओर भागने पर मजबूर किया
- महिला को भालू के हमले में गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज पहले करंजिया अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज में हुआ
जंगल के बीचों‑बीच एक दिल दहला देने वाली घटना में प्यार और हिम्मत ने डर और मौत को हरा दिया. दरअसल ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक महिला ने अपने पति पर भालू के हमले के दौरान न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि अदम्य साहस दिखाते हुए उस खूंखार जानवर का मुकाबला किया और पति की जान बचा ली.
टांगिया उठाकर भालू से भिड़ी पत्नी, बचाई लहूलुहान पति की जान
यह घटना करंजिया थाना क्षेत्र के मिलु गांव की है. मंगलवार के दिन मालदे सोरेन अपनी पत्नी लिली सोरेन के साथ हातीसालबेड़ा जंगल में पत्ते तोड़ने गए थे. तभी अचानक उनका सामना छह जंगली भालुओं से हो गया. पत्ते तोड़ते समय एक भालू ने अचानक मालदे पर हमला कर दिया. भालू के हमले से वे बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े.
इस भयावह पल में भी लिली सोरेन घबराई नहीं. वह भागने के बजाय अपने पति को बचाने के लिए टांगिया (कुल्हाड़ी जैसा औज़ार) उठाकर भालू से भिड़ गईं. उनके वार से भालू घायल हो गया और आखिरकार जंगल की ओर भाग गया. फॉरेस्ट रेंजर ने भी इस खबर की पुष्टि की है.
गंभीर रूप से घायल मालदे को रेफर किया गया
हमले में मालदे सोरेन को गंभीर चोटें आईं. उनके सिर के ऊपरी हिस्से की चमड़ी तक उखड़ गई थी. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचे. उन्हें पहले करंजिया अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाज़ुक होने पर केंदुझर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया.
गांव में बहादुरी की चर्चा
लिली सोरेन की वीरता की पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार चर्चा हो रही है. लोग उन्हें “सच्ची वीरांगना” बता रहे हैं, जिन्होंने एक टंगिया और अटूट साहस के दम पर अपने पति की जान बचाई. उनकी यह बहादुरी भालू जैसे खूंखार जानवर को भी पीछे हटने पर मजबूर कर गई.













