ओडिशा का 'भुतहा गांव', रातोंरात 50 घर कर दिए गए खाक, अब हर तरफ वीरानी, जानें कारण

ओडिशा के मल्कानगिरी 26 नामक एक गांव में एक महिला का शव मिलने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गया. इसके बाद स्थानीय आदिवासियों ने उस गांव के कई घरों में आग लगा दी. पुलिस ने स्थिति को फिलहाल नियंत्रण में ले लिया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मल्कानगिरी गांव में मचा कोहराम
मल्कानगिरी:

ओडिशा के मल्कानगिरी में 4 दिसंबर को एक महिला का सिर कटा शव मिलने के बाद रविवार को मलकानगिरी जिले के मारीवाड़ा पंचायत के अंतर्गत एमवी-26 और राखेलगुडा गांवों में 50 से अधिक घरों में आग लगा दी गई, दुकानों में लूटपाट की गई और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. इसके बाद वहां रहने वाले बांग्लादेश से आए लोग गांव छोड़कर भाग गए. 

एक मौत के बाद फैला लोगों का गुस्सा 

मृतक की पहचान राखेलगुडा गांव की विधवा लेक पदियामी (51) के रूप में हुई है. उसका शव एक स्थानीय नदी के किनारे से बरामद किया गया, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदायों में रोष फैल गया. खबरों के मुताबिक, ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने पुलिस से आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और लापता सिर बरामद करने की मांग की. शनिवार को पुलिस को चेतावनी देने के लिए राखेलगुडा में सौ से ज़्यादा ग्रामीण एक बैठक के लिए इकट्ठा हुए. रविवार को यह अशांति तब और बढ़ गई जब सैकड़ों आदिवासी पुरुष और महिलाएं हथियार लेकर एमवी-26 गांव में इकट्ठा हो गए.

एक्शन में आई पुलिस

सूचना मिलते ही कोरुकोंडा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को कानून हाथ में लेने से रोकने की कोशिश की. लेकिन भीड़ नहीं मानी. शाम 4 बजे तक हिंसा भड़क उठी. सैकड़ों लोग जबरन घरों में घुस गए, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, दुकानों को लूटा और कई घरों में आग लगा दी.

बांग्लादेश से आकर बसे हैं लोग

बांग्लादेश से आई एक महिला ने कहा कि मुझे तो भरोसा नहीं हो रहा है जो कुछ हुआ है. हम 50 साल पहले बांग्लादेश से यहां आए थे. हमने अपना घर-बार बनाया था. अब हम तो डर में जी रहे हैं. 

एसपी, कलेक्टर ने संभाला मोर्चा 

घटना के बाद, मलकानगिरी के एसपी विनोद पाटिल एच, जिला कलेक्टर सोमेश कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी अश्नी एएल, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बेदबारा प्रधान, मलकानगिरी पुलिस स्टेशन के आईआईसी रेगन किंडो, कोरुकोंडा पुलिस स्टेशन के आईआईसी हिमांशु बारिक और बालीमेला पुलिस स्टेशन के आईआईसी अश्विनी पटनायक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा किया. व्यवस्था बहाल करने के लिए सौ से ज़्यादा पुलिसकर्मियों और बीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया था.

मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल ने कहा, अब स्थिति कंट्रोल में है। पुलिस के साथ-साथ BSF के जवान भी मौके पर तैनात हैं। हमने मौके पर ODRAF और फायर सर्विस टीम को भी तैनात किया है. आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Nepal Crisis की इनसाइड स्टोरी: Mosque पर हमले के बाद Birgunj में क्यों भड़की हिंसा?
Topics mentioned in this article