- ओडिशा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर थाईलैंड में फंसे श्रमिकों की वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया.
- ये श्रमिक थाईलैंड की एक प्लाईवुड कंपनी में काम कर रहे हैं और पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है.
- श्रमिक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एजेंट के माध्यम से थाईलैंड गए थे. अब वे गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.
ओडिशा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर थाईलैंड में फंसे राज्य के छह श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाए जाने का आग्रह किया है दिल्ली स्थित प्रधान स्थानीय आयुक्त विशाल गगन ने विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव को बुधवार को लिखे पत्र में कहा कि ऐसा बताया जा रहा है कि ये छह श्रमिक थाईलैंड की एक प्लाईवुड कंपनी में काम कर रहे हैं और पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण वे गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.
गगन ने बताया कि ये श्रमिक उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के एक एजेंट के माध्यम से थाईलैंड गए थे. प्रधान स्थानीय आयुक्त ने बताया कि श्रमिकों ने सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगाई है कि उन्हें ओडिशा के केंद्रपाड़ा एवं भद्रक जिलों में स्थित उनके पैतृक स्थानों पर थाईलैंड से सुरक्षित वापस लाया जाए.
उन्होंने फंसे हुए छह श्रमिकों के पासपोर्ट विवरण साझा करते हुए लिखा, “श्रमिकों की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह सुनिश्चित करने का निवेदन किया जाता है कि प्रवासी श्रमिकों को उनके हक के अनुसार पारिश्रमिक का भुगतान हो और थाईलैंड से ओडिशा में उनकी सुरक्षित वापसी एवं बचाव के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं.''
बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष एवं ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने ‘‘श्रमिकों की दुर्दशा'' पर गहरी चिंता व्यक्त की और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय एवं मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से हस्तक्षेप करने की मांग की.
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