Odisha News: ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल के बच्चे भूख से तड़प रहे हैं. जिले के ‘नंदिनी देवी दृष्टिहीन और मूक-बधिर स्कूल' से गंभीर आरोप सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि स्कूल के लगभग 12 छात्रों को पिछले कुछ दिनों से बिना भोजन के रहना पड़ रहा है. राहत नहीं मिलने पर दृष्टिबाधित छात्रों ने जिला कलेक्टर से खाना दिलाने की गुहार लगाई है.
छात्रों का आरोप है कि स्कूल का कोषाध्यक्ष ने उन्हें भोजन देने से मना कर रहा है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्कूल समिति को भंग किया जाए और इसकी जिम्मेदारी तुरंत ‘जिला रेड क्रॉस' को दी जाए. वहीं, स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि छात्रों के भोजन के लिए फंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका प्रबंधन करना ‘दिव्यांग कल्याण संघ' के अंतर्गत आने वाली स्कूल समिति की जिम्मेदारी है. लेकिन, समिति के अध्यक्ष और सचिव नजर ही नहीं आते है, कोषाध्यक्ष ही एकमात्र सर्वेसर्वा बन बैठा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले पांच वर्षों में छात्रों के भोजन के लिए आवंटित फंड का भी गबन किया गया है.
तीन दिन से कुछ नहीं खाया
स्वधीन नायक नाम के छात्र ने कहा, “पिछले तीन दिनों से हम भूखे हैं. हमें कोई भोजन नहीं दिया गया है. साथ ही हमें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है.” वहीं, एक और छात्रा ने कहा कि पिछले तीन दिन से हमने कुछ नहीं खाया है, हम बहुत भूखे हैं. बताया जा रहा है कि संबंधित कोषाध्यक्ष के खिलाफ कई शिकायतें भी की गई हैं. लेकिन, अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
उच्च-स्तरीय जांच की मांग, कलेक्टर ने दिए निर्देश
शिक्षक ने इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की है. मामले को लेकर जिला कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल ने कहा है कि स्कूल समिति और जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि छात्रों को नियमित रूप से भोजन मिल सके. उन्होंने कहा कि स्कूल समिति के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की जा रही है. कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विशेष ऑडिट कराने अनुरोध भी किया गया है.













