- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे
- एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और आधुनिक प्रोजेक्ट में से एक है, जो 11 शहरों को जोड़ने का काम करेगा
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट निर्माण, सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया है
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख तय हो चुकी है. 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही जेवर के आसमान में सुनहरी इबारत लिखी जाएगी. इससे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज जेवर का दौरा किया. उन्होंने एयरपोर्ट की तैयारियों का जायजा लिया. देश का यह सबसे बड़ा हवाई अड्डा न सिर्फ उड़ानों का हब बनेगा, बल्कि अपनी वास्तुकला से दुनिया को भारतीय संस्कृति के 'आधुनिक अवतार' के दर्शन कराएगा. इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने के दिल्ली एयरपोर्ट पर दवाब तो कम होगा ही, साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी. नोएडा एयरपोर्ट कैसे खास और अनोखा होगा? आइए बताते हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया तैयारियों का जायजा
एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ आज ग्रेटर नोएडा का दौरा किया.उन्होंने एयरपोर्ट परिसर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण कार्यों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल का भी जायजा लेंगे, जहां प्रधानमंत्री का उद्घाटन समारोह आयोजित होना है. साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित रूट का भी निरीक्षण किया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे.
शुरुआत में देश के 11 शहरों को जोड़ेगा यह एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिससे क्षेत्र में निवेश, रोजगार और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे, जिसमें 1.5 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है. उद्घाटन के दिन ही या उसके तुरंत बाद इंडिगो पहली एयरलाइन के रूप में परिचालन शुरू करेगी. शुरुआत में यह एयरपोर्ट देश के 11 शहरों को जोड़ेगा.
noida airport
क्या है एयरपोर्ट की खासियत?
नोएडा एयरपोर्ट को भव्य और सुंदर बनाया गया है. यहां का इंटीरियर भारतीय विरासत और आधुनिकता का संगम है. नोएडा एयरपोर्ट का इंटीरियर इसे दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों की कतार में खड़ा करता है.
- वाराणसी के घाटों की झलक: एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार यानी फोरकोर्ट को वाराणसी और हरिद्वार के घाटों की तर्ज पर सीढ़ीनुमा बनाया गया है.
- हवेलीनुमा प्रांगण: टर्मिनल के भीतर एक सेंट्रल कोर्टयार्ड है, जो भारतीय हवेली वास्तुकला से प्रेरित है. यह प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा को अंदर लाने में मदद करता है.
- बहती नदी जैसा अहसास: टर्मिनल की छत सफेद और पारभासी है, जो बहती नदी जैसी दिखती है. फर्श पर ऐसी लाइटें लगाई गई हैं जिनका प्रतिबिंब पानी जैसा महसूस कराता है.
- सस्टेनेबल फर्नीचर: यात्रियों के बैठने के लिए बांस से बनी कुर्सियों का उपयोग किया गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल हैं.
क्यों अलग है यह एयरपोर्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई मायनों में दिल्ली के IGI और अन्य बड़े हवाई अड्डों से अलग है. यह भारत का पहला ऐसा बड़ा एयरपोर्ट है जिसे शुरुआत से ही नेट-जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य के साथ बनाया गया है. यहां डिजीयात्रा और बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए कॉन्टैक्टलेस यात्रा का अनुभव मिलेगा. इसे 'स्विस एफिशिएंसी' और भारतीय 'आतिथ्य' के टैगलाइन के साथ बनाया गया है. सभी चरणों के पूरा होने के बाद यह क्षेत्रफल और क्षमता के मामले में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा.
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