- नोएडा में युवराज को बचाने की कोशिश करने वाले मोनिंदर ने पुलिस पर धमकियां मिलने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं.
- युवराज सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने दो बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई शुरू की है
- हादसे की रात युवराज की कार निर्माणाधीन मॉल के गड्ढे में जा गिरी, जिसमें डूबने से उनकी मौत हो गई
नोएडा में युवराज सिंह को बचाने की कोशिश करने वाले मोनिंदर सिंह ने एक्सक्लूसिव बातचीत में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मोनिंदर के अनुसार उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं और वह उन तीन पुलिसकर्मियों की पहचान भी कर सकते हैं, जो घटना के दौरान मौजूद थे. लेकिन दावा है कि इसके बाद से उन्हें धमकियां मिल रही हैं और वह डरे हुए हैं.
मोनिंदर सिंह ने बताया कि उनसे कहा गया, 'पुलिस के पक्ष में रहो, तुम्हारी मुलाकात ACP से कराई जाएगी.' लेकिन वह मुलाकात कभी नहीं हुई. उनका आरोप है कि पुलिस लगातार उन पर बयान बदलने का दबाव बना रही है.
हादसे के चश्मदीद हैं मोनिंदर
मोनिंदर ने कहा, 'मेरा बयान रिकॉर्ड हो चुका है. मैं उन तीनों पुलिसवालों को पहचान सकता हूं. मुझे धमकियां मिल रही हैं और मैं डरा हुआ हूं.'
युवराज सिंह की मौत: बिल्डरों के खिलाफ FIR
उधर, युवराज सिंह की मौत के मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अब कड़ी कार्रवाई शुरू की है. युवराज के पिता राजकुमार मेहता की रिपोर्ट पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने दो निर्माण कंपनियों- एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड, लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ FIR दर्ज की है.
क्या हुआ था हादसे की रात?
युवराज (27) गुरुग्राम की कंपनी में काम करते थे. शुक्रवार रात वे ऑफिस से ग्रेटर नोएडा घर लौट रहे थे. सेक्टर‑150 में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी की वजह से उनकी कार अनियंत्रित हो गई. ATS Le-Gradios टी‑प्वाइंट के पास कार नाले की दीवार तोड़कर निर्माणाधीन मॉल के गड्ढे में जा गिरी. गड्ढे में पानी भरा था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई.
सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं थे?
युवराज के पिता के अनुसार मॉल का प्लॉट नोएडा प्राधिकरण के कब्जे में था. इसके बावजूद कोई सेफ्टी वॉल, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर्स नहीं थे. खतरनाक मोड़ पर चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए थे. परिजनों ने लापरवाही को युवराज की मौत की मुख्य वजह बताया है.
अलग‑अलग मोर्चों पर जांच, बढ़े सवाल
इस मामले में गंभीर रूप से जांच आगे बढ़ रही है. युवराज की मौत में सुरक्षा लापरवाही की जांच हो रही है. पुलिस बिल्डरों और सुरक्षा प्रबंधन की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है.
CEO हुए सस्पेंड
बता दें कि इस मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. योगी सरकार ने नोएडा के CEO डॉ लोकेश एम को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है. साथ ही योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया है. सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित हुई. मंडलायुक्त मेरठ के नेतृत्व में गठित हुई SIT में एडीजी जोन मेरठ व चीफ इंजीनियर PWD भी शामिल है. एसआईटी 5 दिनों में जांच कर रिपोर्ट सीएम को सौंपेगी.













