- नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद देश के सबसे वायु प्रदूषित शहरों में शीर्ष तीन स्थान पर क्रमशः हैं.
- दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि इस साल नवंबर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले वर्ष से बेहतर रही है.
- दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कारपूलिंग और निजी संस्थानों को वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने की अपील की है.
नोएडा-दिल्ली-गाजियाबाद देश के सबसे वायु प्रदूषित शहरों में टॉप पर हैं. नोएडा पहले नंबर पर, दिल्ली दूसरे और गाजियाबाद तीसरे नंबर पर है. चौथे पर हरियाणा का रोहतक और पांचवे पर बहादुरगढ़ है. गुरुग्राम की हवा भी खराब है, लेकिन रैंकिग के मामले में वो 24वे नंबर पर है. दिल्ली NCR में प्रदूषण से इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं. आने वाले दिनों में भी बढ़ती ठंड और पूर्वानुमानों के हिसाब से अभी प्रदूषण के स्तर में कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं. वहीं दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां इस पर नजर बनाए हुए हैं.
रविवार को एनसीआर में धुंध की घनी चादर छाई रही और शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया. कुछ इलाकों में तो स्थिति और भी गंभीर हो गई, जहां एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया. वज़ीरपुर (424), बवाना (424) और विवेक विहार (415) स्टेशनों पर भी खतरनाक आंकड़े दर्ज किए गए. सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में रोहिणी (435), नेहरू नगर (426), बवाना (426), आरके पुरम (422) और आईटीओ (420) शामिल थे। दिल्ली में औसत AQI 391, नोएडा में 391, ग्रेटर नोएडा में 366, गाजियाबाद में 387 और गुरुग्राम में 252 दर्ज किया गया.
CAQM की मीटिंग में समीक्षा
दिल्ली में हवा की बेहद खराब हालत के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के हालात पर नजर रखने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की रविवार शाम को बैठक हुई. इसमें IMD और IITM के मौसम और प्रदूषण संबंधी अनुमानों और ताजा आंकड़ों का अध्ययन किया गया. बैठक के बाद आयोग की ओर से एक बयान में कहा गया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हो रहा है. हालांकि आने वाले दिनों में AQI बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं. हालांकि अभी GRAP 3 का तीसरा चरण लागू नहीं किया जाएगा. GRAP के पहले और दूसरे चरण की पाबंदियों की समीक्षा की जा रही है.
क्या है GRAP 3
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम से लेकर पूरे एनसीआर में ग्रैप 3 के तहत अंकुश लगाए जाते हैं. इसमें निर्माण संबंधी गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं. ईंट भट्ठे, ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर भी पाबंदी लागू की जाती हैं. पुराने डीजल वाहनों पर रोक लग सकती है. क्लास 5 तक के स्कूलों में ऑफलाइन मोड की जगह ऑनलाइन मोड में पढ़ाई के निर्देश दिए जा सकते हैं. वर्क फ्रॉम होम की नीति भी लागू की जा सकती है.
लिस्ट में देखिए आपके शहर में कैसी हवा
पिछले सालों के मुकाबले दिल्ली में सुधार
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों के स्पष्ट परिणाम दिखने लगे हैं. उसने कहा कि इस साल नवंबर में अधिकतर दिनों में शहर की वायु गुणवत्ता पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में बेहतर रही. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली अब तक प्रदूषण के उस स्तर तक पहुंचने से बची हुई है जिसके कारण 2023 में लगभग इसी समय क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के तीसरे चरण को लागू करना पड़ा था.
पराली पर सीएक्यूएम की चेतावनी
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पंजाब से पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल और समन्वित कार्रवाई का शनिवार को आह्वान किया. साथ ही आयोग ने कहा कि हरियाणा में चालू धान कटाई के मौसम के दौरान ऐसे मामलों में उल्लेखनीय कमी आयी है.पंजाब के क्षेत्रीय दौरे के दौरान, सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बठिंडा स्थित लहरा मोहब्बत ताप विद्युत संयंत्र की खराब स्थिति और उत्सर्जन मानदंडों के पालन नहीं करने पर गंभीर चिंता जतायी. आयोग ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए तो वह इसे बंद करने के निर्देश जारी कर सकता है. टीम को क्षेत्र में पराली जलाने की छिटपुट घटनाएं भी मिलीं.
वर्क फॉर्म होम की अपील
दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से खास अपील की है. उन्होंने लोगों से प्रदूषण के स्तर को देखते हुए कारपूलिंग की अपील की है. साथ ही सीएम गुप्ता ने निजी संस्थानों से अपील की है कि वो अपने कर्मचारियों को घर से काम करने यानी वर्क फॉर्म होम करने के लिए प्रोत्साहित करें. कार पूलिंग और निजी संस्थानों से वर्क फ्रॉम होम देने की अपील करने से पहले सीएम रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के ऑफिस टाइम में भी बदलाव किया था. नई व्यवस्था के तहत 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी. दिल्ली सरकार के कार्यालय अब सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे, जबकि नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुलेंगे.














