बिहार की राजनीति बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है. सीएम नीतीश कुमार आज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की तारीख 9 मार्च है. अगर महागठबंधन छठवां उम्मीदवार नहीं उतारती है तो एनडीए के सभी 5 उम्मीदवार 9 मार्च को निर्विरोध चुन लिए जाएंगे. यानी नीतीश कुमार अगले हफ्ते ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक बुला कर नया नेता चुना जाएगा. जबकि चुनाव होने की स्थिति में 16 मार्च को मतदान होगा और उसी रात परिणाम आ जाएगा.संभावना है कि इस बार मुख्यमंत्री बीजेपी का ही बने.
अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब बिहार को बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा.नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अगले एक दो दिन में जेडीयू की सदस्यता ले लेंगे. उन्हें उपमुख्यमंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद मिल सकता है.अभी यह तय नहीं है कि नीतीश कुमार केंद्र में मंत्री बनेंगे या फिर केवल राज्य सभा सदस्य ही रहेंगे. दरअसल, नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बाद यह फैसला हुआ है.एक मार्च को ही नीतीश 75 वर्ष के हो गए.ऐसा माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के समय ही बीजेपी और जेडीयू में सहमति बनी थी कि चुनाव नीतीश के नाम पर होगा, जीतने पर सीएम भी वे ही बनेंगे लेकिन उसके बाद उचित समय आने पर पद छोड़ देंगे.
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के कारण ऐसा कई घटनाएं हुईं जो सरकार की छवि के लिए ठीक नहीं थीं. बीजेपी से कई नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं. उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नाम सबसे आगे हैं. हालांकि जेडीयू अपने सीएम के लिए भी जोर डाल सकती है.
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बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए आज पटना में अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. बिहार में नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है. जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अपना पर्चा दाखिल कर सकते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वहां मौजूद रह सकते हैं. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा गुरुवार को समाप्त हो जाएगी.
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नीतीश कुमार ने बीजेपी-जेडीयू की बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद लगभग चार महीने पहले 20 नवंबर को पटना में रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं. बिहार में महिला रोजगार योजना का बंपर लाभ गठबंधन को मिला था.














