- बिहार सरकार सड़क समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क स्वास्थ्य नीति लागू करने जा रही है
- सड़क में गड्ढा मिलने पर रोड एंबुलेंस 72 घंटे के भीतर मरम्मत का कार्य करेगी
- हर चौक-चौराहे पर रोड एंबुलेंस का मोबाइल नंबर लगाया जाएगा ताकि शिकायत सीधे की जा सके
बिहार में खराब और गड्ढों से भरी सड़कों की समस्या लंबे समय से आम लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है. बरसात हो या गर्मी, इन सड़कों के कारण हादसे, जाम और परेशानियां रोजमर्रा का हिस्सा बन गई हैं. अब नीतीश कुमार सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने संकेत दिए हैं कि राज्य में सड़कों के लिए एक बिल्कुल नई और अनोखी नीति लाई जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह इंसानों के इलाज के लिए हेल्थ पॉलिसी होती है, उसी तर्ज पर अब सड़कों के स्वास्थ्य की भी पॉलिसी बनेगी.
इस नीति के तहत ‘रोड एंबुलेंस' की व्यवस्था की जाएगी. यानी सड़क में गड्ढा या खराबी की सूचना मिलते ही रोड एंबुलेंस मौके पर पहुंचेगी और 72 घंटे के भीतर गड्ढा भरना अनिवार्य होगा. हर चौक-चौराहे पर रोड एंबुलेंस का मोबाइल नंबर लगाया जाएगा, ताकि लोग सीधे शिकायत कर सकें. तय समय में मरम्मत नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर पर कड़ी कार्रवाई होगी.
सरकार एक और बड़ी योजना पर भी विचार कर रही है ‘गड्ढा बताओ, पांच हजार रुपये इनाम पाओ'. यानी अगर कोई नागरिक सड़क पर गड्ढे की सही जानकारी देगा, तो उसे इनाम दिया जा सकता है. इससे लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और विभाग पर जवाबदेही बनी रहेगी.
डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि विभाग में पारदर्शिता को लेकर पहले भी सख्त कार्रवाई की गई है और आगे भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर यह नीति सही तरीके से लागू होती है, तो बिहार की सड़कें न सिर्फ बेहतर होंगी, बल्कि यह मॉडल देश के लिए एक मिसाल भी बन सकता है.
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