खालिस्तानी आतंकी पन्नू के खिलाफ NIA का बड़ा एक्शन, अमृतसर और चंडीगढ़ में संपत्ति कुर्क

जब्त की गई संपत्तियों में अमृतसर जिले के बाहरी इलाके में गुरपतवंत सिंह पन्नू के पैतृक गांव स्थित खानकोट में 46 कनाल कृषि संपत्ति शामिल है. एक और संपत्ति जो एनआईए द्वारा जब्त की गई है, वह चंडीगढ़ के सेक्टर 15-सी में उनका मकान नंबर 2033 है.

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नई दिल्‍ली:

खालिस्तानी आतंकी और सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) पर एनआईए ने सख्त कदम उठाया है. एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस' के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू की चंडीगढ़ और अमृतसर स्थित अचल संपत्तियों को शनिवार को कुर्क कर दिया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ‘संपत्ति जब्त करने संबंधी नोटिस'' खालिस्तान समर्थक पन्नू के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर और अमृतसर में एक कृषि भूमि के समीप लगाया गया है. यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत की गई है. 

बताया जा रहा है कि जब्त की गई संपत्तियों में अमृतसर जिले के बाहरी इलाके में गुरपतवंत सिंह पन्नू के पैतृक गांव स्थित खानकोट में 46 कनाल कृषि संपत्ति शामिल है. एक और संपत्ति जो एनआईए द्वारा जब्त की गई है, वह चंडीगढ़ के सेक्टर 15-सी में उनका मकान नंबर 2033 है. कुर्की के बाद, पन्नू ने संपत्ति का अधिकार खो दिया और संपत्ति अब सरकार की है. 2020 में भी पन्‍नू की संपत्ति कुर्क की गई थी. 

चंडीगढ़ में लगाए गए नोटिस में कहा गया है, ‘‘चंडीगढ़ के सेक्टर 15-सी के मकान नंबर 2033 का एक चौथाई हिस्सा, एनआईए के मामले में घोषित अपराधी गुरपतवंत सिंह पन्नू के स्वामित्व वाला है, जिसे मोहाली स्थित एनआईए की विशेष अदालत के आदेशों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1967 की धारा 33 (5) के तहत जब्त किया जाता है. यह सूचना आम जनता के लिए है.''

अमृतसर में लगाए गए नोटिस में लिखा गया है कि (अमृतसर) जिले के खानकोट गांव में गुरपतवंत सिंह पन्नू के स्वामित्व वाली कृषि भूमि जब्त की जाती है. नोटिस में उक्त जमीन का विवरण भी दिया गया है.

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पन्‍नू 2019 से ही एनआईए के रडार पर है, जब आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज किया था. पन्‍नू अपनी धमकियों और डराने-धमकाने की रणनीति के जरिये पंजाब और देश की अन्‍य जगहों पर आतंकी कृत्‍यों और गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्‍हें संचालित करने के साथ ही भय और आतंक फैलाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है.  

एनआईए जांच में सामने आया है कि पन्नू का संगठन सिख फॉर जस्टिस भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकवादी अपराधों और गतिविधियों के लिए उकसाने के लिए साइबरस्पेस का दुरुपयोग कर रहा था. सिख फॉर जस्टिस को भारत सरकार ने 2019 में ही 'गैरकानूनी एसोसिएशन' घोषित कर दिया था. 

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भारत सरकार ने पन्‍नू को घोषित किया है आतंकी 
पन्नू को भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया है. एनआईए जांच से पता चला है कि देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को चुनौती देते हुए पंजाब स्थित गैंगस्टरों और युवाओं को सोशल मीडिया पर खालिस्तान के स्वतंत्र राज्य के लिए लड़ने के लिए सक्रिय रूप से उकसाया जा रहा है. 

भारतीय हिंदुओं को कनाडा छोड़ने के लिए कहा 
हाल के दिनों में पन्‍नू सार्वजनिक मंचों पर वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों और सरकारी पदाधिकारियों को धमकियां देने को लेकर चर्चा में रहा है. पन्‍नू ने कुछ दिन पहले ही कनाडा में रह रहे हिंदुओं को धमकी देते हुए उन्‍हें कनाडा छोड़ने के लिए कहा था. 

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को हुई सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत और कनाडा के बीच जारी राजनयिक विवाद के बीच एनआईए ने यह कार्रवाई की है. 

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