- NIA की चार्जशीट में मुंबई के इमिग्रेशन लॉ सेंटर में डेविड हेडली की गतिविधियों का विस्तृत खुलासा किया गया है.
- पूर्व कर्मचारी ने बताया कि हेडली ऑफिस में वीजा आवेदन नहीं करता था और सभी बातचीत अपने मोबाइल से करता था.
- हेडली नमाज़ कार्यालय के बाहर मस्जिद में अदा करता था और ई-मेल भेजने के लिए साइबर कैफे का उपयोग करता था.
NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में मुंबई स्थित इमिग्रेशन लॉ सेंटर में डेविड हेडली की गतिविधियों से जुड़ा अहम खुलासा हुआ है. चार्जशीट में इमिग्रेशन लॉ सेंटर के एक पूर्व कर्मचारी के बयान शामिल है. पूर्व कर्मचारी के अनुसार हेडली खुद ही पूरा ऑफिस मैनेज करता था. ऑफिस में क्लाइंट आते थे. लेकिन कभी कोई वीजा आवेदन प्रोसेस नहीं किया गया.
हेडली ऑफिस के अंदर नमाज़ नहीं पढ़ता था, बल्कि फोर्ट इलाके की पास की मस्जिद में नमाज अदा करने जाता था. ऑफिस के लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, सभी बातचीत केवल अपने मोबाइल फोन से करता था. ऑफिस से ई-मेल भेजने के बजाय पास के साइबर कैफे का इस्तेमाल करता था.
NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पूर्व कर्मचारी ने बताया कि मुंबई में रहने के दौरान हेडली पुष्कर और दिल्ली भी गया था. हालांकि, यात्रा के मकसद की जानकारी नहीं थी. ये बयान NIA द्वारा दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट का हिस्सा हैं. यह चार्जशीट तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण और NIA द्वारा गिरफ्तारी के बाद दाखिल की गई.
कौन है डेविड हेडली?
जांच एजेंसी के मुताबिक डेविड कोलमैन हेडली पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी है, जिसने मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमलों की साजिश रचने और उनकी रेकी करने में मुख्य भूमिका निभाई थी. हेडली का जन्म अमेरिका में हुआ था. लेकिन उसके पिता पाकिस्तानी थे. उसने लश्कर-ए-तैयबा के निर्देश पर अपना नाम बदलकर 'डेविड हेडली' कर लिया था ताकि एक अमेरिकी नागरिक के रूप में वह भारत में बिना किसी संदेह के प्रवेश कर सके. 2006 से 2008 के बीच उसने कई बार मुंबई की यात्रा की. ताज होटल, नरीमन हाउस और ओबेरॉय होटल जैसे प्रमुख स्थलों की विस्तृत वीडियो और नक्शे तैयार किए, जिनका उपयोग आतंकियों ने हमले के दौरान किया.
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