नई दिल्ली: दिमागी रूप से मृत व्यक्ति के अंगदान से कई लोगों को मिली नयी जिंदगी

राजेश प्रसाद द्वारा दान किए गए अंगों को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) के माध्यम से प्राप्तकर्ताओं को आवंटित किया गया. उनके यकृत को दिल्ली स्थित एम्स और किडनी को दो अस्पतालों- दिल्ली स्थित एम्स और सफदरजंग अस्पताल को दिया गया.

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एम्स में अंगदान

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सिर में चोट लगने के कारण दिमागी रूप से मृत घोषित किए गए 43 वर्षीय एक व्यक्ति के परिवार ने उसके अंगों को दान करके कई लोगों की जान बचाने में मदद की है. दिल्ली एम्स में साल 2023 का यह छठा अंगदान है.

राजेश प्रसाद द्वारा दान किए गए अंगों को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) के माध्यम से प्राप्तकर्ताओं को आवंटित किया गया. उनके यकृत को दिल्ली स्थित एम्स और किडनी को दो अस्पतालों- दिल्ली स्थित एम्स और सफदरजंग अस्पताल को दिया गया.

एम्स के राष्ट्रीय नेत्र बैंक में उनके कॉर्निया को संरक्षित किया गया है, जबकि उनके हृदय के वाल्व को एम्स के हृदय केंद्र में संरक्षित किया गया है. यह जानकारी एम्स की ओर से जारी बयान में दी गई. अस्पताल ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान 10 फुट की उंचाई से फिसलकर गिरने के कारण 21 जून को प्रसाद चोटिल हो गए थे और उन्हें पहले नजदीक के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

इसके बाद उन्हें सिर में गंभीर चोट के चलते एम्स के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया था, जहां उन्हें 22 जून को दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया गया. 

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