भारत की आबादी के लगभग पांचवे हिस्से को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है: मौसम एजेंसी

‘साउथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम’ (एसएएससीओएफ) के अनुसार मॉनसून के दौरान भारत की लगभग 18.6 प्रतिशत आबादी को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
उत्तर में सामान्य से कम बारिश होने की 52 प्रतिशत संभावना है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी एसएएससीओएफ का कहना है कि भारत की लगभग 19 प्रतिशत आबादी को इस वर्ष मॉनसून के दौरान सामान्य से कम बारिश और लगभग 13 प्रतिशत आबादी को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है.
‘साउथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम' (एसएएससीओएफ) के अनुसार मॉनसून के दौरान भारत की लगभग 18.6 प्रतिशत आबादी को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है.

इसके अनुसार उत्तर में सामान्य से कम बारिश होने की 52 प्रतिशत संभावना है और देश के मध्य भागों में सामान्य से कम वर्षा की 40 प्रतिशत संभावना है. एसएएससीओएफ ने कहा कि भारत में कुल 12.7 प्रतिशत लोगों को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है.

उसने कहा कि भारत के दक्षिणी और पूर्वी भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने का 50 प्रतिशत अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पिछले महीने कहा था कि भारत में अल नीनो की स्थिति के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में सामान्य बारिश होने का अनुमान है. निजी पूर्वानुमान एजेंसी, ‘स्काईमेट वेदर' ने देश में ‘‘सामान्य से कम'' मॉनसून बारिश होने की संभावना जताई थी.

यह भी पढ़ें -
-- क्वाड बैठक रद्द होने का पीएम मोदी के कार्यक्रम पर नहीं पड़ेगा असर, जाएंगे आस्ट्रेलिया दौरे पर
-- IT हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना पर कैबिनेट के फैसले से क्षेत्र में बहुत बदलाव आएगा : मोदी

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Bajrang Dal कार्यकर्ताओं ने क्यों की जफर की पिटाई?
Topics mentioned in this article