- पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल कॉरिडोर का उद्घाटन कर 82 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट पूरा किया
- नेशनल कैपिटल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम NCR में आठ नमो भारत कॉरिडोर बनाने की योजना सरकार की है
- दिल्ली-अलवर कॉरिडोर लगभग 164 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 22 स्टेशन तीन राज्यों को जोड़ेंगे
Namo Bharat Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल कॉरिडोर का उद्घाटन किया. 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर इसी के साथ पूरा हो गया. नमो भारत अभी मेरठ साउथ से दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक चलती थी. न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किमी का बाकी ट्रैक भी आज से खुल जाएगा. नेशनल कैपिटल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) दिल्ली एनसीआर रीजन में कनेक्टिविटी के लिए गेमचेंजर साबित होगा. सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे आठ रैपिड रेल कॉरिडोर यानी नमो भारत कॉरिडोर बनाने की है.
नमो भारत कॉरिडोर के 8 रूट
1. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर
2. दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर
3. दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर
4. दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल
5. गाजियाबाद- खुर्जा
6. दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक
7. गाजियाबाद-हापुड़
8. दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत
NCRTC
2. दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर कॉरिडोर
दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर, दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद NCR का दूसरा सबसे बड़ा रैपिड रेल प्रोजेक्ट है.यह कॉरिडोर लगभग 164 किलोमीटर लंबा है और इसमें कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह तीन राज्यों (दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान) को जोड़ता है.
दिल्ली में स्टेशन: सराय काले खां (हब), INA, मुनिरका, और एरोसिटी.
हरियाणा में स्टेशन: उद्योग विहार, गुरुग्राम सेक्टर-17, राजीव चौक, खेड़की धौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, MBIR, रेवाड़ी और बावल।
राजस्थान में स्टेशन: शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ (SNB), खैरथल और अलवर
तीन चरणों में निर्माण
- फेज 1 (दिल्ली से SNB): लगभग 106 किमी. सबसे पहले ये लंबा रूट बनेगा.
- फेज 2 (SNB से सोतानाला): इसमें औद्योगिक क्षेत्र नीमराना और बहरोड़ तक
- फेज 3 (SNB से अलवर): यह अंतिम चरण होगा जो राजस्थान के अलवर को जोड़ेगा
सराय काले खां बड़ा जंक्शन
नमो भारत ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी. दिल्ली से अलवर जाने में 4-5 घंटे की जगह RRTS से ये सफर 100 से 117 मिनट (2 घंटे से कम) में पूरा होगा. सराय काले खां स्टेशन एक बड़ा जंक्शन बनेगा, जहां मेरठ, पानीपत और अलवर तीनों ओर जाने वाली रैपिड रेल आपस में जुड़ेंगी. बिना ट्रेन बदले मेरठ से अलवर तक का सफर होगा.
3. दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की लंबाई लगभग 136.3 किलोमीटर होगी. कॉरिडोर पर कुल 17 से 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगा। इसका अधिकतर हिस्सा नेशनल हाईवे-44 (NH-44) के समानांतर होगा. सराय काले खां स्टेशन एक बड़ा हब बनेगा जहां दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत तीनों कॉरिडोर आपस में मिलेंगे.
ट्रेनों की स्पीड 180 किमी प्रति घंटा
ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटा होगी. बिजली की लाइनों और केबल शिफ्ट करने का काम नरेला और मुरथल के बीच शुरू हो चुका है. फरवरी 2026 में NCRTC ने हाई वोल्टेज बिजली लाइनों को हटाने का टेंडर जारी किया. इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹34,740 करोड़ है.
दिल्ली के स्टेशन: सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, अलीपुर और नरेला.
हरियाणा के स्टेशन: कुंडली, सोनीपत, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत (ISBT), और करनाल (मधुबन, करनाल बाईपास).
समय की बचत: दिल्ली के कश्मीरी गेट से मुरथल: मात्र 30 मिनट
दिल्ली से पानीपत: लगभग 60 मिनट
दिल्ली से करनाल: लगभग 90 मिनट, अभी 3-4 घंटे
4. गाजियाबाद नोएडा जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
गाजियाबाद नोएडा जेवर एयरपोर्ट रैपिड रेल रूट नमो भारत कॉरिडोर पर भी यूपी, केंद्र सरकार और एनसीआरटीसी तेजी से आगे बढ़ रही है. जेवर एयरपोर्ट के जरिये इस कॉरिडोर को फरीदाबाद और गुरुग्राम से भी जोड़ा जाएगा. गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा यानी चार मूर्ति चौक और परी चौक के रास्ते जेवर एयरपोर्ट तक ये रूट आगे बढ़ेगा. 72 किलोमीटर के इस रूट की डीपीआर (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है.
5. दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल कॉरिडोर
दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर रैपिड रेल के दूसरे चरण का हिस्सा है. इसकी DPR और प्लानिंग पर काम चल रहा है. पहले चरण के तीन कॉरिडोर (मेरठ, पानीपत और अलवर) के साथ दिल्ली और फरीदाबाद के 60 किमी के रूट को मंजूरी दी जा सकती है. दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली अलवर के साथ ये कॉरिडोर भी सराय काले खां से शुरू होगा. ये दिल्ली से निकलकर बदरपुर, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ होते हुए पलवल तक जाएगा. ये नेशनल हाईवे 19 मथुरा रोड के समानांतर चलेगी. दिल्ली से पलवल ट्रेन या सड़क से जाने में 2.5 घंटे लग सकते हैं. नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद सराय काले खां से पलवल महज 45-50 मिनट में पहुंच सकेंगे.
नमो भारत कॉरिडोर की टाइमलाइन
- 2005 में योजना आयोग ने NCR के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का प्रस्ताव रखा
- 2006 दिल्ली मेट्रो के विस्तार के साथ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया
- 2011 में सरकार और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी सरकारों के बीच एमओयू हुआ
- 2013 में NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) का गठन किया गया
- 8 नमो भारत कॉरिडोर की पहचान, दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत को प्राथमिकता
- 2017 में यूपी सरकार ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दी
- 2019 में केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में 30,274 करोड़ के इस बजट को पास किया
- 8 मार्च 2019 को पीएम मोदी ने साहिबाबाद में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का शिलान्यास किया
- 22 फरवरी 2026 को नमो भारत का 82 किलोमीटर का कॉरिडोर पूरा होने के साथ चालू हुआ














