अनल दा, गणेश उइके, हिडमा... बीते 5 महीनों में मारे गए बड़े नक्सली, अब अंतिम सांसें गिन रहा 'लाल आतंक'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 'नक्सल फ्री इंडिया' के लिए 31 मार्च 2026 का डेडलाइन तय किए जाने के बाद सुरक्षाबलों का अभियान लगातार चल रहा है. बीते कुछ महीने में इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली मारे गए हैं. कई ने सरेंडर भी किया है.

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अनल दा, गणेश उइके, माडवी हिडमा... बड़े नक्सली कमांडर जो एनकाउंटर में मारे गए.
नई दिल्ली:

31 मार्च, 2026... यह तारीख तय की है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'नक्सल फ्री इंडिया' के लिए. अमित शाह के इस डेडलाइन को पूरा करने के लिए सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं. सुरक्षाबलों की सख्ती का असर है कि बड़ी तेज से लाल आतंक देश में सिमट रहा है. बड़े-बड़े नक्सली नेता जो सालों से चुनौती बने थे या तो सरेंडर कर रहे हैं या फिर मारे जा रहे हैं. बुधवार को भी नक्सलों के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता झारखंड में मिली. जहां सरांडा जंगल क्षेत्र में चले ऑपरेशन के बाद एक करोड़ का इनामी नक्सली पतराम मांझी उर्फ अनल दा सहित 15 माओवादी मारे गए. इससे पहले गणेश उइके, माडवी हिडमा जैसे बड़े नक्सलियों का खात्मा भी बड़ी कामयाबी है. 

बीते कुछ महीनों में जिन बड़े नक्सलियों का इनकाउंटर हुआ है, आइए जानते हैं...  

22 जनवरी 2026: झारखंड में एक करोड़ का नक्सली अनल ढेर

झारखंड के सरांडा जंगल क्षेत्र में 22 जनवरी को सीआरपीएफ के CoBRA कमांडो और पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन टीम व माओवादी संगठनों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई, जिसमें माओवादी केंद्रीय समिति के सदस्य पतराम मांझी उर्फ “अनल” को मार गिराया गया. इसे अनल दा उर्फ तुफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मराण्डी उर्फ रमेश आद‍ि नामों से भी जाना जाता है. यह मूलरूप से ग्राम झरहाबाले थाना-पीरटांड जिला-गिरिडीह का रहने वाला है. प‍िता का नाम टोटो मराण्डी उर्फ तारू मांझी है.

इसके अलावा अब तक 15 माओवाद‍ियों के शव म‍िले हैं. उनके पास से स्वचालित हथियार बरामद हुए हैं. IG साकेत सिंह ने बताया कि तलाशी और मुठभेड़ अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग अभी भी चल रही है. 

17 जनवरी 2026ः बीजापुर में 50 लाख का इनामी पापा राव मारा गया

छत्‍तीसगढ़ में दशकों से खौफ का दूसरा नाम बने हुए माओवादी कमांडर पापा राव मारा गया है. सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन के तहत बीजापुर में उसको ढेर कर दिया. पापा राव पर सरकार ने 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. काफी समय से सुरक्षाबलों को पापा राव की तलाश थी. पिछले कुछ दिनों से सुरक्षाबलों का पूरा फोकस पापा राव को जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर था. आखिरकार, सुरक्षा बलों को कामयाबी मिल ही गई है.     

 पापा राव की पहचान एक खूंखार नक्सल कमांडर की थी, जिसने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें काफी सुरक्षाबलों के जवान शहीद हुए. छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में पापा राव पिछले कई दशकों से आतंक का दूसरा नाम बना हुआ था.

18 जनवरी 2026: बीजापुर में दिलीप बेडजा सहित 6 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अब तक 4 महिला माओवादियों सहित कुल 6 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. मारे गए नक्सलियों में कुख्यात माओवादी कमांडर DVCM दिलीप बेडजा, ACM माड़वी कोसा, ACM महिला माओवादी लख्खी मड़काम और पार्टी सदस्य राधा की शिनाख्त हुई. मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. सुरक्षाबलों ने 2 AK-47 रायफल, 1 इंसास रायफल, 2 नग 303 रायफल व 6 ग्रेनेड बरामद किए गए.

25 दिसंबर 2025: ओडिशा के कंधमाल में एक करोड़ का इनामी गणेश उइके ढेर

25 दिसंबर 2025 को ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ के इनामी और सीपीआई (माओवादी) सेंट्रल कमेटी सदस्य गणेश उइके को एनकाउंटर में मार गिराया. हिड़मा के बाद यह नक्सल नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है. गणेश उइके 69 साल की उम्र में भी ‘लाल आतंक' का झंडा उठाए हुए था. हाथ में AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार लेकर चलने वाला यह नक्सली बेहद खतरनाक माना जाता था. उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था. 

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गणेश उइके तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चेंदूर मंडल के पुल्लेमाला गांव का रहने वाला था. वह कुल 7 नामों से जाना जाता था. गणेश उइके के अलावा पक्का हनुमंत, रूपा, राजेश तिवारी, चमरू दादा, गजराला रवि और सोमरू भी उसके नाम थे.  वह छत्तीसगढ़ में 2013 के झीरम घाटी नरसंहार का मास्टरमाइंड था, जिसमें कई सीनियर कांग्रेस नेता मारे गए थे. 

18 नवंबरः एक करोड़ का इनामी, 26 बड़े हमलों में शामिल हिडमा मारा गया

पिछले साल नवंबर में एनकाउंटर में मारा गया नक्सल कमांडर माडवी हिडमा उर्फ संतोष 43 वर्ष का था और सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य था. उसका जन्म 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में हुआ था. 43 साल का माडवी हिडमा CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था. हिडमा PLGA बटालियन नंबर-1 का चीफ था, जो माओवादियों की सबसे घातक स्ट्राइक यूनिट है. हिडमा पर ₹1 करोड़ का इनाम था और वह बस्तर का इकलौता आदिवासी था, जिसने सेंट्रल कमेटी में जगह बनाई.

उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की साजिश रची, जिनमें 2010 का दंतेवाड़ा नरसंहार (76 CRPF जवान शहीद), 2013 का झीरम घाटी हमला (27 लोग मारे गए) और 2021 का सुकमा-बीजापुर एंबुश (22 जवान शहीद) शामिल हैं.

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हजारीबाग में एक करोड़ का इनामी सहदेव सोरेन ढेर

झारखंड के हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पनतीतरी जंगल में कोबरा 209 और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जो तीन कुख्यात नक्सली मारे गए. इनमें सबसे बड़ा नाम सहदेव सोरेन उर्फ परवेश का है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. उसके साथ 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेंब्रम और 10 लाख का इनामी बीरसेन गंझू भी मुठभेड़ में मारे गए. घटनास्थल से तीन AK-47 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं. मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.

एक करोड़ का इनामी बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 नक्सली ढेर 

सितंबर 2025 में ही CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के संयुक्त ऑपरेशन में 1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को ढेर कर दिया था. मनोज, नक्सल संगठन का एक अहम सदस्य, इस ऑपरेशन में मारा गया है. वह पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा बलों के लिए एक प्रमुख चुनौती बना हुआ था, और उसके ऊपर 1 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया था। इसके अलावा, इस ऑपरेशन में और भी कई कुख्यात नक्सलियों का सफाया किया गया.

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