- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक यूनिट में 8 कर्मचारियों ने यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
- आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया और आठ लोगों को गिरफ्तार किया है
- निदा खान, जो प्रोसेसिंग एसोसिएट हैं, पर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप है और वह फिलहाल फरार हैं
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक यूनिट में जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में फंसी निदा खान फिलहाल मुंबई में हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इस बीच फैमिली के मुताबिक, निदा प्रेग्नेंट है. इसलिए फिलहाल फरार चल रही खान ने अग्रिम जमानत के लिए नासिक की स्थानीय अदालत में अर्जी दी है, जिसमें उन्होंने अपनी हेल्थ कंडीशन को एक अहम कारण बताया है. निदा को पहले एचआर बताया जा रहा था, लेकिन असल में वह प्रोसेसिंग एसोसिएट है. परिवार का कहना है कि उसे फंसाया जा रहा है.
निदा खान के वकील बाबा सिद्धकी के अनुसार, "निदा के माता-पिता बेहद अधिक सदमे में हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी ने कुछ नहीं किया है. निदा को फंसाया जा रहा है. 2021 में टीसीएस बीपीओ में जॉइन हुई थी और वो एचआर नहीं है ,प्रोसेसिंग एसोसिएट है."
जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
विशेष जांच दल (एसआईटी) निदा खान को हिरासत में लेने की कोशिश कर रही है. 25 वर्षीय खान ने 2021 में नासिक स्थित टीसीएस की बीपीओ यूनिट में काम शुरू किया था. टीसीएस की महिला एचआर मैनेजर की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की आठ कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों पर यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है. इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस ने आठ कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. इन कर्मचारियों ने दावा किया था कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, एचआर डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया. पुलिस ने इस मामले में कंपनी की महिला एचआर मैनेजर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.
HR पर शिकायत की अनदेखी का आरोप
एचआर मैनेजर पर पीड़ित महिला कर्मियों द्वारा उठाई गई शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप है. गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद अदालत ने एचआर मैनेजर को 13 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था. टीसीएस ने रविवार को कहा कि कंपनी ने किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती के प्रति लंबे समय से ‘कतई बर्दाश्त नहीं' करने की नीति अपना रखी है. इसने नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है.
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कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है तथा जांच के निष्कर्ष के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी.
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