ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 291 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. उसने करीब 18 फीसदी यानी 47 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव में उतारे हैं. जबकि बीजेपी ने अभी तक बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दो सूची जारी की हैं, इसमें एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है. जबकि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले पूर्व टीएमसी नेता हुमांयू कबीर ने 182 सीटों में से 100 से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार देने का ऐलान किया है. हुमायूं कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) से गठबंधन भी किया है और उसे आठ सीटें दी हैं.
बीजेपी ने कुल 255 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. 16 मार्च को पहली सूची में सुवेंदु अधिकारी समेत 144 प्रत्याशियों की घोषणा हुई। जबकि 19 मार्च को दूसरी सूची में रूपा गांगुली, निशीथ प्रमाणिक और रेखा पात्रा जैसे नाम है. अब 39 सीटों पर प्रत्याशी तय होने बाकी हैं.
बंगाल में मुस्लिम वोटर्स कितने
बंगाल विधानसभा चुनाव में मुस्लिम आबादी एक निर्णायक वोट बैंक है.बंगाल की कुल 294 सीटों में से लगभग 100 से 110 सीटों पर मुस्लिम मतदाता जीत हार तय करते हैं. पिछले तीन बार से तृणमूल कांग्रेस बंगाल में धमाकेदार जीत दर्ज कर चुकी है और मुस्लिम वोटरों का करीब एकतरफा झुकाव टीएमसी की ओर रहा है. यही वजह है कि लेफ्ट और कांग्रेस और इंडियन सेकुलर फ्रंट जैसे दलों को चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी. ममता बनर्जी की पार्टी ने 2012 में कांग्रेस से गठबंधन के दौरान 38 मुस्लिम प्रत्याशी दिए थे. जबकि 2017 में उसने 57 टिकट दिए, जो संख्या 2022 में घटकर 42 पर आ गई. इस बार पार्टी ने 47 मुस्लिम उतारे हैं. तृणमूल ने इस बार कई मुस्लिम बहुल सीटों पर भी हिन्दू उम्मीदवार उतारे हैं.
बंगाल में मुस्लिम आबादी
पश्चिम बंगाल की मुस्लिम आबादी में 90% बंगाली भाषी मुस्लिम हैं, जो मुख्तया ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं. जबकि लगभग 10% उर्दू भाषी मुस्लिम हैं, जो कोलकाता, आसनसोल और इस्लामपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में बसते हैं.
तृणमूल कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में हैट्रिक
ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल की 294 में से 291 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रही है. उसने 3 सीट भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) को दी हैं. ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उनके खिलाफ शुभेंदु अधिकारी इस सीट से ताल ठोकेंगे. बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के 291 प्रत्याशियों में से 52 महिलाएं, 95 एससी-एसटी और 47 मुस्लिम हैं. बंगाल में मुस्लिम आबादी करीब 27 फीसदी है.
ये भी पढ़ें - कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भी हिंदू उम्मीदवार, पुराने चेहरों पर दारोमदार, समझिए TMC की लिस्ट का सार
बंगाल में मुस्लिम आबादी कितनी
जनगणना 2011 के अनुसार, बंगाल की कुल आबादी करीब 9.13 करोड़ है, जिसमें मुस्लिम आबादी 2.5 करोड़ के करीब है.चुनावी विश्लेषकों के अनुसार 2026 तक बंगाल में मुस्लिम आबादी बढ़कर 28 से 30% के बीच पहुंच गई है.बंगाल की अब आबादी 10.5 करोड़ से ज्यादा है, जिसमें मुस्लिम जनसंख्या 3 करोड़ से अधिक हो सकती है.
मुस्लिम बहुल जिले
मुर्शिदाबाद: 66.3%
मालदा: 51.3%
उत्तर दिनाजपुर: 50%
बीरभूम: 37%
दक्षिण 24 परगना : 35.5%
नादिया : 26.7%
भरतपुर सीट पर रोचक मुकाबला
मुर्शिदाबाद की भरतपुर विधानसभा सीट से टीएमसी ने मुस्तफिजुर रहमान को टिकट दिया है. तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आम जनता उन्नयन पार्टी बनाने वाले हुमायूं करीब यहां से विधायक रहे हैं.हालांकि कबीर इस बार कबीर भरतपुर की बजाय मुर्शिदाबाद की रेजिनगर और नाओदा सीट से लड़ रहे हैं. हुमायूं करीब ने कांदी से कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व दामाद यासीन हैदर, बेलडांगा से सैयद अहमद कबीर जैसे दिग्गजों को प्रत्याशी बनाया है.
ये भी पढ़ें - Exclusive: ममता बनर्जी नमाज पढ़ रहीं और मैं कालीघाट में पूजा कर रहा... सुवेंदु अधिकारी ने क्यों कहा ऐसा?
मालदा की रतुआ सीट से रायल इस्लाम, बैष्णवनगर से मुस्कुरा बीबी, मालतीपुर से अब्दुल मिनाज शेख, मानिकचक से अबू सैद और सुजापुर से नसीमुल हक चुनाव लड़ रहे हैं. बेहाला पूर्व से अनुपम रोहदागीर, भरतपुर से सैयद खुबैब अमीन, फरक्का से इम्तियाज मोल्ला और हरिहरपारा से बिजय शेख मैदान में होंगे.














