तरबूज निर्दोष निकला! लेकिन मौतों की खबर के बाद दाम गिरे, बाजार पड़े सूने

Mumbai Watermelon Death Case: 26 अप्रैल को मुंबई के पायधुनी इलाके में डाकोडिया परिवार के 4 लोगों की मौत के मामले में शुरुआत में तरबूज में खरतनाक केमिकल की मिलावट की बात सामने आई थी. लेकिन FDA की रिपोर्ट में तरबूज सहित डोकाडिया परिवार के घर से जब्त किए गए अन्य खाद्य पद्वार्थों में कोई मिलावट नहीं मिली.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
मुंबई के डोकाडिया परिवार के 4 सदस्यों की मौत की मामले में तरबूज पर सवाल उठे थे, लेकिन रिपोर्ट में तरबूज में कोई मिलावट नहीं मिली.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • मुंबई के पायधुनी इलाके में डोकडिया परिवार की मौतों के मामले में तरबूज में कोई मिलावट नहीं मिली है.
  • FDA जांच में पाया गया कि परिवार को मौत का कारण बने तरबूज में किसी भी प्रकार की मिलावट या जहरीला रसायन नहीं था.
  • नवी मुंबई की सबसे बड़ी मंडी में तरबूज की कीमतें गिर गईं और ग्राहकों ने डर के कारण तरबूज खरीदना बंद कर दिया था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

पिछले कुछ दिनों से मायानगरी में “कातिल तरबूज” को लेकर मचे कोहराम के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. पायधुनी के डोकडिया परिवार में हुई संदिग्ध मौतों के मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन FDA ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. जिस तरबूज पर मौत बांटने का आरोप लग रहा था, वह जांच में पूरी तरह “निर्दोष” पाया गया है. दरअसल मुंबई के पायधुनी इलाके में 26 अप्रैल 40 साल के अब्दुल्ला डोकाडिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि तरबूज खाने के बाद उनकी, उनकी पत्नी नसरीन (35) और दोनों बेटियों आयशा (16) और जैनब (13) की तबीयत अचानक बिगड़ गई. देखते ही देखते हालत इतनी खराब हो गई कि चारों की जान चली गई. इसके बाद तरबूज में खतरनाक केमिकल मिलाए जाने की चर्चा चलने लगी.

तरबूज पर मचा था भारी बवाल, दहशत में थी मुंबई!

मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौतों के बाद शक की सुई घर में आए तरबूज की तरफ घूमी थी. सोशल मीडिया से लेकर गलियों तक यह चर्चा फैल गई कि तरबूज को मीठा और लाल बनाने के लिए उसमें जहरीले केमिकल और रंगों का इंजेक्शन लगाया जा रहा है. इस डर का असर ऐसा हुआ कि पूरी मुंबई में तरबूज की बिक्री धड़ाम हो गई. लोग इस फल को हाथ लगाने से भी डरने लगे थे.

नवी मुंबई की सबसे बड़ी मंडी में तरबूज की कीमतें गिरी

नवी मुंबई स्थित एशिया की सबसे बड़ी सब्ज़ी-फल मंडी, APMC वाशी में तरबूज की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी में तरबूज के दाम 7 रुपये प्रति किलो तक कम हो गए हैं. वहीं, दक्षिण मुंबई के जिस नल बाजार से पीड़ित परिवार ने तरबूज खरीदा था, वहां तो हालात और भी खराब दिखे. दहशत के चलते ग्राहकों ने दूरी बना ली और नल बाजार में तरबूज बिकना ही बंद हो गए. 

FDA की रिपोर्ट: न रंग मिला, न जहर

FDA की जांच रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि तरबूज में किसी भी तरह की मिलावट नहीं थी. जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि तरबूज को अधिक लाल दिखाने के लिए किसी भी आर्टिफिशियल कलर या उसे बड़ा और मीठा बनाने के लिए खतरनाक रसायनों Chemicals का इस्तेमाल नहीं किया गया था. केवल तरबूज ही नहीं, बल्कि डोकडिया परिवार के घर से जब्त किए गए अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों में भी अब तक कोई मिलावट नहीं पाई गई है. हालांकि, FDA ने यह भी माना है कि उनके पास टेस्टिंग के लिए तरबूज के नमूनों की संख्या काफी कम थी.

Advertisement

अभी जांच जारी है: क्या है मौत की असली वजह?

भले ही तरबूज को क्लीन चिट मिल गई हो, लेकिन मौत की वजह अब भी एक रहस्य बनी हुई है. अब सारा दारोमदार फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है. फिलहाल, तरबूज तो “निर्दोष” साबित हो गया है, लेकिन जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक पायधुनी केस की गुत्थी उलझी ही रहेगी. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब मौत के अन्य संभावित कारणों की तलाश में जुटे हैं.

यह भी पढ़ें - तरबूज खाने से मौत नहीं हुई तो कैसे हुई? सरकारी रिपोर्ट से और गहराई मुंबई में मौतों की मिस्ट्री

यह भी पढ़ें - Mumbai Watermelon Case: 4 मौतों के बाद चर्चा में Morphine, जानिए क्या है ये खतरनाक पदार्थ

Featured Video Of The Day
Jharkhand Breaking News: कोयले के ढेर में दबकर 4 मजदूरों की मौत, कईयों के फंसे होने की आशंका